प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि दिव्यांगों को अभी पांच सौ रुपये महीने पेंशन मिल रही है। इसे बढ़ाकर एक हजार रुपये करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सात सौ और बिहार में एक हजार रुपये महीने पेंशन दी जा रही है। वह शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से बड़ा मैदान पर आयोजित दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित किए गए कत्रिम अंग/ सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम में मौजूद लाभार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब दो करोड़ दिव्यांग हैं। इनके उत्थान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जब भी वह पश्चिम क्षेत्र के जिलों में जाते हैं तो वहां सबसे प्रमुख मांग यह उठती है कि जिले में समेकित विद्यालय बनवाए जाएं। इसको लेकर राज्य व केंद्र की सरकार से लगातार बातचीत की जा रही है।
पिछली सरकारों में सात वर्ष से छोटे मूकबधिर दिव्यांग बच्चों को उपचार व आपरेशन के लिए केवल 10 हजार रुपये का अनुदान मिलता था। अब अमेरिका से आए चिकित्सकों की टीम से वार्ता करने के बाद सामने आया कि सात साल से छोटे मूकबधिर बच्चों के लिए साढ़े तीन लाख रुपये की किट लगाने के बाद बच्चा बोलने और सुनने लगेगा। इसके लिए छह लाख रुपये की मांग सरकार से की गई थी। कैबिनेट से पास हो चुका है।
इस धनराशि से मूकबधिर बच्चों का आपरेशन कराया जाएगा। इसके अलावा अब दिव्यांगों के प्रमाणपत्र के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है कि चिकित्सकों की टीम ब्लाक स्तर पर पहुंचकर दिव्यांगों का परीक्षण कर प्रमाण पत्र बनाएगी। इस बीच कुल 1008 लाभार्थियों को 1036 उपकरण दिए गए। इसमें 924 ट्राई साइकिल, 42 व्हीलचेयर तथा 84 कान की मशीन शामिल है।
इस बीच राज्यमंत्री पति रामपाल सिंह समेत जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी शंभूनाथ तिवारी, उप जिलाधिकारी चंदौसी महेश प्रसाद दीक्षित, जिला विकास अधिकारी अरविंद कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अभय कुमार श्रीवास्तव, जिला सूचना अधिकारी मिथलेश कुमार, उप निबंधक सहकारिता योगेंद्र पाल सिंह, खंड विकास अधिकारी शिखर श्रीवास्तव, रेणु कुमारी, जेपी गुप्ता, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा शैलजा मिश्रा व एडीओ राजेश चौधरी आदि मौजूद रहे।