चंदौसी। शहर के एक बड़ा आतिशबाजी व्यापारी के प्रतिष्ठान पर शुक्रवार को वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी टीम ने छापेमारी की। दिनभर पटाखे और फुलझड़ियां गिनी गई जिससे दिनभर शहर में खलबली मची रही। फर्म में स्टाक और उपलब्ध सामान में अंतर पाया गया है जिससे दुकानदार पर साढ़े तीन लाख रुपये का जुर्माना किया गया। यह रकम शनिवार को जमा कराई जाएगी।
शहर में बड़े पैमाने पर आतिशबाजी का कारोेबार होता है। कई करोड़ रुपये के इस कारोबार में भारी टैक्स चोरी की भी आशंका बनी रहती है। इन्हीं आशंकाओं के तहत वाणिज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त अनूप कुमार माहेश्वरी के निर्देश पर डिप्टी कमिश्नर (एसआईबी) एसके प्रसाद के नेतृत्व में वाणिज्य कर अधिकारी मुकेश कुमार रस्तोगी, रामौतार, दीपक मेहरोत्रा, रामलखन यादव, अशोक मिश्रा आदि की टीम ने चंदौसी में पटाखा विक्रेताओं के यहां छापेमारी करनी शुरू की। सबसे पहले टीम ने कैथल गेट पर ताराचंद फायर वर्क्स की दुकान पर पहुंचे। जब चेकिंग की शुरू की तो शहरभर के पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मच गया। अधिकांश बड़े कारोबारी दुकानें बंद करके चले गए। एसआईबी की छामेपारी देर शाम तक एक ही दुकान पर रही। डिप्टी कमिश्नर एसके प्रसाद ने बताया कि यहां कुल 19 लाख रुपये की आतिशबाजी मिली थी, लेकिन उपलब्ध माल व स्टाक रजिस्टर पर अंतर पाए जाने के बाद शाम को फिलहाल साढ़े तीन लाख रुपये का जुर्माना डाला गया। वाणिज्य कर अधिकारी मुकेश रस्तोगी ने बताया कि शाम हो जाने के कारण जुर्माने की धनराशि आज बैंक में जमा नहीं हो सकी, धनराशि कल जमा की जाएगी। जांच अभी जारी है। इधर फर्म स्वामी का कहना है कि उसके यहां कोई गड़बड़ी नहीं पकड़ी गई है।