टांडा (रामपुर)। बार वेलफेयर एसोसिएशन अधिवक्ताओं ने सांकेतिक हड़ताल की समीक्षा कर विधि विरुद्ध कार्य कराने के साथ ही टांडा तहसीलदार पर बिना पैसे लिए कार्य नहीं करने का आरोप लगाया। सभी अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से तय किया कि तहसीलदार के स्थानांतरण तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
टांडा तहसीलदार कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में तहसील अधिवक्ताओं द्वारा 3 दिन पूर्व से चल रही सांकेतिक हड़ताल की समीक्षा की गई। बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं द्वारा की गई समीक्षा बैठक में कहा गया की तहसीलदार राजीव मोहन सक्सेना द्वारा विधि विरुद्ध कार्य किए जा रहे हैं। नियमानुसार कार्य होने पर भी तहसीलदार द्वारा सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। मांग पूरी न होने पर कार्यों को अकारण टाल दिया जाता है। उनका कहना है कि तहसील कोर्ट में कार्यरत अधीनस्थों को तहसीलदार द्वारा भ्रष्टाचार की खुली छूट दे रखी है। इसके चलते उक्त कर्मी भी पूरी तरह मनमानी पर उतारू है। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार द्वारा दिए गए बयान पर भी कड़ी आपत्ति जताई जिसमे तहसीलदार ने कहा था की अधिवक्ता उनसे नियम विरुद्ध कार्य करवाना चाहते हैं। बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी कर हंगामा किया। बैठक में प्रताप सिंह चौहान ,खुर्शीद अहमद, अनिल भारद्वाज ,राजकुमार चौहान, सतपाल सिंह, प्रेम सिंह, मुवस्सर अली , श्योरज सिंह, माजिद अली, फारूक, पृथी सिंह, आलम हुसैन ,अमित, जय प्रकाश सैनी, ,तारिक, हरस्वरूप , राजेश सक्सेना प्रेम सिंह राजेश चौहान, प्रमोद कुमार, प्रभु सिंह, नसीम आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।