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खरीद केंद्र नहीं खोलने पर गन्ने की होली जलाई

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चंदौसी। उड़द, बाजरा, ज्वार, मक्का आदि का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित होने के बावजूद सरकारी खरीद केंद्र स्थापित नहीं करने पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (अअ) के राष्ट्रीय आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने कृषि उत्पादन समिति चंदौसी में किसानो ने गन्ने की होली जलाई और प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
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भाकियू (अअ) के कार्यकर्ता मंगलवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति चंदौसी के किसान भवन पर एकत्र हुए। यहां प्रदेश सचिव आशिक रजा ने कहा कि 2018-19 के लिए केंद्र सरकार ने मक्का का 1700, बाजरा का 1750, ज्वार का 2430 व उड़द का 5600 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया है, लेकिन इन फसलों के लिए पूरे प्रदेश में एक भी क्रय केंद्र नहीं खोला है, यह देश का दुर्भाग्य ही है कि किसानों को अपनी उपज को औने पौने दामों पर बेचने के विवश होना पड़ रहा है। किसान आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं। भाकियू (अअ) के युवा शाखा के मंडलाध्यक्ष रिशभ चौधरी ने कहा कि 111217 क्विंटल गन्ना प्रदेश की मिलो द्वारा जूना कटौती के नाम पर काटा गया है, जो करीब 3.61 करोड़ रुपये से भी अधिक का है। इस अवैध कटौती को समाप्त किया जाना चाहिए। किसानों द्वारा लिए गए ऋण पर बिना किसी शासनादेश और संवैधानिक व्यवस्था के चक्रवृद्धि ब्याज वसूला जा रहा है। प्राविधान है कि यदि गन्ना भुगतान खरीद के 14 दिन के अंदर न हो तो 15 फीसदी ब्याज किसानों को दिया जाए लेकिन सरकार नहीं दिला रही है। आखिर, सरकार किसानों का सरेआम इतना उत्पीड़न क्यों कर रही है। किसानों की मांगों को यदि शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
किसानों ने किसान भवन के सामने ही गन्ने व अन्य कृषि उपज की होली जलाकर प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसमें ब्रजपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, हरि सिंह यादव, रामवीर यादव, रामवीर सिंह यादव, विनोद राघव, श्योराज सिंह यादव, किशनपाल यादव, प्रवीन यादव, नारायण आदि शामिल रहे।
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