मुरादाबाद। फर्जी आधार कार्ड के जरिए 154 लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कर दिए गए। एसडीएम सदर ने जांच के बाद फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के सदस्यों ने नगर निगम के वार्ड संख्या 27 में उन्हें मतदाता बनवा दिया था। एसडीएम की रिपोर्ट पर जिला चुनाव अधिकारी ने सभी 154 नाम तत्काल मतदाता सूची से हटा दिए हैं। अब एसडीएम इस मामले में मझोला थाने में मुकदमा दर्ज कराएंगे। पुलिस गिरोह के चारों सदस्यों को जांच कर गिरफ्तार करेगी।
जिला प्रशासन ने 11 मार्च से 17 मार्च तक मतदाता संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान चलाया था। इस मामले में एसडीएम सदर परमानंद सिंह को शिकायत मिली कि वार्ड संख्या 27 में कुछ लोगों ने फर्जी आधार कार्ड बनवाएं हैं। उन्होंने मतदाता सूची में भी अवैध ढंग से नाम दर्ज कराए हैं। एसडीएम को जांच के दौरान पता चला कि संभल के कुछ मजदूर बिलारी और जिले के अन्य स्थानों पर मजदूरी करने आते हैं। गिरोह ने मजदूरों का आधार कार्ड लेकर उनका गलत इस्तेमाल किया है। एसडीएम ने बताया कि लालनगरी धीमरी में रईस पुत्र शौकत के नाम पर आधार कार्ड बनाया गया था और वह मतदाता भी बन गया था। पूछने पर पता चला कि रईस लाल नगरी की जगह असल में संभल जिले का रहने वाला है। फर्जी आधार कार्ड बनाने वालों ने इसी प्रकार क्रम संख्या 217 से लेकर 220 तक अवैध ढंग से मतदाता बनाए हैं।
154 लोगों के फर्जी आधार कार्ड पकड़ने के बाद एसडीएम ने जिला निर्वाचन अधिकारी को रिपोर्ट भेज दी। इसी आधार पर सभी लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। इस मामले की जानकारी चुनाव आयोग को भी रिपोर्ट भेजी गई है।
ऐसे बनाते थे फर्जी आधार कार्ड
एसडीएम ने बताया कि गिरोह के चार लोग फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए गैर जिले के लोगों का आधार कार्ड लेते हैं। उनका फोटो और नाम सही रहता था लेकिन पता और आधार कार्ड नंबर अपने मन मुताबिक डालते थे। बार कोड के लिए गिरोह ने स्कैनर बनवाया था। अमूमन बार कोड स्कैन करने पर नाम और पता पकड़ में नहीं आए, लेकिन आधार कार्ड बनाने वाली भारत सरकार की संख्या के वेबसाइट यूआईडीआई पर आधार कार्ड का नंबर डालने पर पता चला कि यह कागजात फर्जी है। इस नाम का कोई आधार कार्ड बना ही नहीं है। इस मामले में अब मझोला थाने में एसडीएम की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। पुलिस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर पूरी जानकारी लेगी।