मिलक। किसानों को फसल का मुआवजा दिलाने के लिए बीमा कंपनी के अफसरों ने तहसील पहुंचकर सुध ली। इस दौरान कर्मी किसानों से घिरे। क्षेत्र के किसानों का बेमौसम बारिश और उफनते नदी तथा नालों के कारण तमाम फसलें नष्ट हो गईं हैं। कृषि लोन के समय बीमा काटने वाली कंपनी और बीमा एजेंसी सुध नहीं लेती। शनिवार को बीमा कंपनी के अफसर तहसील पहुंचे और किसानों से प्रपत्र भरवाए। उनका कहना था कि फसल बर्बादी की सूचना 48 घंटे में मिलनी चाहिए थी , लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जिस पर किसान भड़क गए और झड़प हो गई। जिस पर किसानों से घिरे बीमा कंपनी के कर्मी किसानों के प्रपत्र भरकर ले गए जिसको लेकर किसानों में आपाधापी मची रही।