चंदौसी। बिजली विभाग की लापरवाही से करंट की चपेट में आकर किसी की मौत हो जाती है तो उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन से उसके परिजन को पांच लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का प्राविधान है। ऐसा ही प्राविधान चल अचल संपत्ति पर भी लागू है। विद्युत विभाग सूचना प्राप्त करने के बाद भी क्षतिपूर्ति अदा नहीं करता है तो उपभोक्ता न्यायालय व स्थायी लोक अदालतों के माध्यम से भी क्षतिपूर्ति की मांग की जा सकती है। अक्सर देखा जाता है कि बिजली के करंट से लोग झुलस जाते हैं, अंग भंग हो जाते हैं, उनकी मौत भी हो जाती है। पशुओं के करंट से मरने की भी घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं लेकिन लोगों को जानकारी के अभाव में वह विद्युत विभाग से क्षतिपूर्ति प्राप्त नहीं कर पाते हैं। उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय बताते हैं कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन से करंट में व्यक्ति या पशु की मृत्यु पर पांच लाख रुपये तक की क्षति प्राप्त करने का प्राविधान है। ऐसी घटना होने पर तत्काल विद्युत विभाग को सूचित किया जाना चाहिए।
बिजली के करंट से दो भैंसों की मौत
धनारी/चंदौसी। धनारी के कृतिया गांव में करंट की चपेट में आने से दो पशुओं की मौत हो गई। बुधवार को रामदास के दो भैंसें करंट की चपेट में आ गईं। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार अपनी भैंसों का दूध बेचकर ही अपना जीविकोपार्जन कर रहा था। यहां इससे पहले भी दो युवक भी करंट लगने से झुलस चुके हैं। राय सिंह तो करंट से अपाहिज हो चुका है। महेश कुमार करंट लगने से झुलस गया था। उसका इलाज अभी चल रहा है।
गांव के कुवेर दत्त शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर हाईटेंशन लाइन हटवाने की मांग की है।