चंदौसी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण मानकों को ताख पर रख किया जा रहा है। शासनादेश के मुताबिक शौचालय का निर्माण खुद लाभार्थी कराएगा लेकिन अधिकारियों व ग्राम प्रधानों की सांठगांठ से शौचालयों का निर्माण प्रधानों द्वारा ठेके पर देकर कराया जा रहा है। इसमें घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। शौचालय लाभार्थियों ने बुधवार को दारनी गांव में प्रदर्शन किया।
बिलारी आंशिक विकास क्षेत्र की 28 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां शौचालयों की धनराशि ग्राम निधि के खाते में भेज दी गई है। हालांकि खंड विकास अधिकारी बनियाखेडा शिखर श्रीवास्तव के अनुसार कुछ ग्राम पंचायतों में ग्राम निधि में धनराशि भेजी गई है लेकिन शौचालयों का निर्माण लाभार्थियों द्वारा की कराया जाएगा। ग्राम प्रधान, ग्राम निधि के खाते से लाभार्थी के खाते में धनराशि हस्तांतरित करेगा लेकिन मौके पर ऐसा नहीं हो रहा है। ग्राम प्रधानों द्वारा लाभार्थियों को धनराशि देने की बजाय ठेकेदारों से शौचालयों का निर्माण कराना शुरू कर दिया है। कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव दारनी में भी ऐसा ही हो रहा है, जिसमें ठेकेदार घटिया सामग्री का उपयोग कर रहा है जिससे गुस्साए लाभार्थियों व ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय निर्माण में पीले ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। सीमेंट के मात्र दो बोरी लगाई जा रही है। पत्थर की सिल्ली रखकर छत बनाई जा रही है। गड्ढा मात्र दो फीट गहरे बनाया जा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में अनिरुद्ध कुमार, तालेबर, टोनी, सचिन, अजय कुमार आदि शामिल रहे।