बहजोई। बीएसए दफ्तर में निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी कर्ण सिंह चौहान को कई खामियां मिलीं। बीएसए वीरेंद्र प्रताप सिंह नोडल अधिकारी के कई सवालों का जवाब नहीं दे पाए। सबसे पहले बीएसए दफ्तर पहुंचने पर नोडल अधिकारी ने कार्यालयों व स्टाफ की जानकारी ली। इसके बाद स्कूलों में जूते मोजे, किताबें आदि का समय से वितरण न होने के कारण नोडल अधिकारी ने बीएसए से नाराजगी जताई। इस बीच नोडल अधिकारी के पूछने पर बीएसए लेखाधिकारी का नाम तथा विद्यालयों में बच्चों को देने वाले मध्याह्न योजना का मीनू नहीं बता सके। साथ ही कार्यालय परिसर में कटे पड़े पेड़ों के मूल्यांकन को लेकर भी बीएसए नोडल अधिकारी को कोई संतुष्ट जवाब नहीं दे सके।
कस्तूरबा समेत परिषदीय विद्यालयों में सघन चेकिंग के निर्देश दिए
बहजोई। नोडल अधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने बीएसए वीरेंद्र प्रताप सिंह को जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों समेत परिषदीय विद्यालयों में सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने जब बीएसए से विद्यालयों में नियमित निरीक्षण को लेकर जानकारी की तो बीएसए ने चुप्पी साध ली। इस पर नोडल अधिकारी ने शासन व विभागीय निर्देशों के आधार पर कस्तूरबा विद्यालयों समेत परिषदीय विद्यालयों में नियमित चेकिंग कर आख्या सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए।