बहजोई। हरिद्वार से लेकर दिल्ली तक निकाली जाने किसान क्रांति यात्रा को लेकर भाकियू पदाधिकारियों ने रणनीति बनाई। राशन वितरण में धांधली समेत बिजली व कर्ज माफी का मुद्दा छाया रहा। शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे से कलक्ट्रेट सभागार के प्रांगण में बैठक कर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने रणनीति तैयार की।
पंचायत में प्रदेश सचिव बिजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि 23 सितंबर से 02 अक्तूबर तक भाकियू पदाधिकारी व खासी संख्या में किसान हरिद्वार स्थित टिकैत घाट से दिल्ली के राजघाट तक पैदल मार्च करेंगे। किसान क्रांति यात्रा के तहत किए जाने वाले पैदल मार्च का उद्देश्य किसानों की विभिन्न समस्याओं को उजागर करना है। इसके लिए बैठक कर रणनीति तैयार की जा रही है। किसान क्रांति यात्रा के लिए जिले से किसान 22 सितंबर की शाम को चंदौसी रेलवे स्टेशन से हरिद्वार के लिए रवाना होंगे। किसान क्रांति यात्रा को सफल बनाने के लिए कमेटियों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि विभिन्न मांगों में किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, डॉ. स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने, किसानों की जिंसों को समर्थन मूल्य से कम रेट पर खरीदने पर अपराध घोषित करने, किसानों की न्यूनतम आमदनी फिक्स करने व 60 वर्ष के वृद्ध किसानों की पेंशन कम से कम पांच हजार रुपये देने आदि की मांग को रखा जाएगा।
इनका कहना था कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो फिर 2 अक्तूबर 2018 को राजघाट से संसद का घेराव किया जाएगा। मंडल अध्यक्ष सर्वेश कुमार व जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव ने कहा कि जिले में किसान समस्याओं से जूझ रहे हैं। राशन वितरण में धांधली की जा रही है। बिजली की जर्जर लाइनों को नहीं बदला जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में किसानों को दवा के लिए भटकना पड़ रहा है और सरकारी स्कूलों में किसानों के बच्चों को सही शिक्षा नहीं मिल पा रही है। यही किसान क्रांति यात्रा के दौरान छाए रहेंगे। अध्यक्षता नरेशपाल सिंह ने व संचालन युवा जिलाध्यक्ष मुकेश यादव ने किया। जिला संगठन महामंत्री संजीव यादव समेत अमरसिंह राजपूत, उदित कुमार शर्मा, केदारी सिंह, राजेश कुमार गोयल, सुदेश कुमार, रामनिवास, सत्यवीर सिंह, रामाशंकर शर्मा हनुमान, दुर्गपाल कुशवाहा व मोहर सिंह यादव आदि मौजूद रहे।