मिलक (रामपुर)।भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष राजवीर सिंह चौहान और प्रदेश महासचिव प्रदेश विजेंद्र सिंह यादव ने यूनियन में भाकियू के नेताओं की बगावत रोकने को कई घंटे डेरा डाला।इस दौरान बगावत करने वाले नेताओं के इस्तीफे अस्वीकार किए।
भारतीय किसान यूनियन में गुटबाजी के कारण प्रदेश सचिव अजय बाबू गंगवार और मंडल महासचिव आदेश शंखधार समेत कई नेताओं ने साथियों समेत शनिवार को बगावत कर दी थी। उन्होंने साथियों के साथ निरीक्षण भवन में बैठक करके यूनियन से नाता तोड़ने की घोषणा की थी।इससे भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष का निरीक्षण भवन में प्रस्तावित कार्यक्रम टल गया था तथा नये संगठन किसान यूनियन का दामन थामने की घोषणा की थी। भाकियू नेताओं की बगावत का मामला तूल पकड़ने पर भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष राजवीर सिंह चौहान और प्रदेश महासचिव प्रदेश विजेंद्र सिंह यादव समेत मंडल के नेता सुबह होते ही पहुंच गए और बगावत करने वालों को रोकने के लिए कई घंटे यहां पर डेरा डाले। इस दौरान मान-मनौब्बल का दौरा चला और बगावत करने वालों के इस्तीफे अस्वीकार कर दिए। जिसको लेकर उनको काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिसको लेकर उन्होने पत्रकार वार्ता बुलाई। प्रदेशाध्यक्ष ने दो टूक कहा कि परिवार में मतभेद हो जाते हैं। जिसको सुलझा लिया गया है और कल गुजर गया है। उन्होने दावा जताया कि संगठन में अब कोई गुटबाजी नहीं है और इस्तीफा देने वाले नेताओं के इस्तीफा अस्वीकार कर दिए हैं।