टांडा। तहसील अधिवक्ताओं की चौथे दिन भी हड़ताल जारी रही। तहसीलदार का टांडा तहसील से स्थानांतरण कराने की मांग को लेकर अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। तहसीलदार के स्थानांतरण नहीं होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई अधिवक्ताओं की हड़ताल को अन्य तहसीलों के अधिवक्ताओं का मिला समर्थन मिला है।
टांडा तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ता तहसील न्यायालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 31 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। अधिवक्ता तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग भी कर रहे हैं। अधिवक्ताओं की हड़ताल पिछले चार दिनों से जारी है। तहसील में भ्रष्टाचार के कारण अधिवक्ता तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग पर अड़े हैं। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को भ्रष्ट बताते हुए कहा कि जब तक तहसीलदार टांडा का स्थानांतरण नहीं होगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे इस हड़ताल को अन्य तहसीलों के अधिवक्ताओं ने समर्थन दिया है। अन्य तहसीलों के अधिवक्ता भी तहसीलदार टांडा के खिलाफ हैं। जिसमें बाड़मेर फेयर एसोसिएशन टांडा के समस्त अधिवक्ताओं ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की है। इस मौके पर अनिल कुमार भारद्वाज, प्रेम सिंह, सोमवीर सिंह, कुंवरपाल सिंह, समर सिंह, खुर्शीद अहमद, शिवराज सिंह, प्रताप सिंह, विजेंद्र सिंह, राजवीर सिंह, रघुवीर सिंह, भागीरथ सिंह, राशिद अली, जगदीश सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।