कांठ। पर्वतीय क्षेत्रों सहित मैदानी इलाकों में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण डेम से छोड़े गए पानी से बढ़ा रामगंगा नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे स्थिर होने लगा है। लेकिन जलस्तर घटने के साथ ही नदी ने कटान भी तेज कर दिया है। जिससे खादर क्षेत्र में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। इधर बाढ़ नियंत्रण खंड के अधिकारियों खादर क्षेत्र का दौरा कर जायजा लिया है। इसी के साथ ग्रामीणों को हर संभव मदद के लिए आश्वासन भी दिया गया है।
पिछले कई दिनों से कांठ के खादर क्षेत्र से होकर गुजर रही रामगंगा नदी का पानी पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण बढ़ा हुआ चल रहा है। जिससे कांठ क्षेत्र में खादर के तमाम गांव रामगंगा नदी के सीधे निशाने पर आ गए हैं। खादर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो कई गांव तबाह हो जाएंगे। इधर रामगंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बुधवार को बाढ़ नियंत्रण खंड के अधीक्षण अभियंता एके शर्मा, अधिशासी अभियंता सुभाषचंद्र, जेई अरविंद कुमार और अनुराग भटनागर टीम के साथ रामगंगा नदी पर पहुंचे और बढ़ते जलस्तर का संज्ञान लिया। बाढ़ नियंत्रण खंड अधिकारियों के समक्ष गोपालपुर के प्रधान पति मनोहर सिंह, परशुराम सिंह, मंगल सिंह, विजयपाल सिंह, सुशील कुमार, सतपाल सिंह आदि ग्रामीणों ने पत्थर की अड्डियां बनवाए जाने की मांग की और पक्की तटबंध बंधवाए जाने को कहा।
इधर बताया गया है कि बुधवार की शाम रामगंगा का जलस्तर स्थिर होना प्रारंभ हो गया है। लेकिन खेतों में रामगंगा नदी कटान कर रही है। जिसे ले किसानों ने चिंता व्यक्त की। किसानों का कहना है कि नदी के उतरते पानी से हो रहे कटान से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है।