टांडा। (रामपुर)। नगर में टांडा तहसील बार अधिवक्ताओं की हुई बैठक। इसमें अधिवक्ताओं ने तहसील टांडा के न्यायालय में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पर होने का आरोप लगाया तथा विरोध प्रदर्शन किया। विरोध में आक्रोशित अधिवक्ताओं ने भ्रष्टाचार को लेकर 26, 27 जुलाई को न्यायिक कार्य से सांकेतिक हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया। वही तहसीलदार ने अधिवक्ताओं पर पूर्व तहसीलदार के फर्जी दस्तखत कर दस्तावेज तैयार करने के आरोप लगाया तथा एफआईआर करने की कही बात।
टांडा तहसील न्यायालय में भ्रष्टाचार व्याप्त होने का आरोप लगते हुए अधिवक्ताओं ने बैठक का आयोजन किया। अधिवक्ताओं ने बैठक कर तहसील के न्यायालय में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर होने का आरोप लगाया। विरोध में बार अधिवक्ताओं ने दो दिन के सांकेतिक हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया। इसमें आज और कल बार वेलफेयर एसोसिएशन के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। वही तहसीलदार एसएन शर्मा ने बताया की अधिवक्ताओ द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे। तहसील के एक अधिवक्ता द्वारा 1 मई की फाइल उनके पास परवाना बनवाने के लिए आई थी। लेकिन उस पर पर पूर्व तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह के हस्ताक्षर हुए थे जबकि उन्होंने 16 अप्रैल को चार्ज संभाल लिया था। जब उन्होंने इसका जवाब तालाब किया तो अधिवक्ताओं ने दबाव बनाने के लिए उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे है। जबकि उन्होंने उक्त फ़र्जी हस्ताक्षर वाले मामले की जाँच शुरू कर दी है। जांच के बाद आरोपी अधिवक्ता के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। वही उक्त मामले एसडीएम मान सिंह पुंडीर ने कहा कि दोनों पक्षों से वार्ता कर मामले का समाधान निकलने का प्रयास करेंगे। उधर बैठक में प्रेम सिंह, जयप्रकाश सिंह, प्रताप सिंह, खुर्शीद अहमद, कुंवरपाल सिंह, सोमवीर सिंह, राजकुमार, समर सिंह, वीरेंद्र सिंह, अफजाल अहमद, धर्मेंद्र सिंह, गौरी शंकर वर्मा, सतपाल सिंह, माजिद अली, रघुवीर सिंह ,राजेश सक्सेना, हर्ष वर्धन गौड़ आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।