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शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर परिसर में मनाया काला दिवस

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बहजोई। उत्तर प्रदेश प्राथमिक समायोजित शिक्षामित्र/शिक्षक संघ के बैनर तले बुधवार को काला दिवस मनाया गया। जिलाध्यक्ष गिरीश चंद्र का कहना था कि उत्तर प्रदेश में कार्यरत 01 लाख 72 हजार शिक्षामित्रों का समायोजन 25 जुलाई 2017 को निरस्त कर दिया गया था। इसके चलते शिक्षामित्रों ने 25 जुलाई 2018 को काला दिवस मनाया। साथ ही प्रदेश भर के करीब सात सौ से अधिक शिक्षामित्रों की मृत्यु होने पर शोक संवेदना व्यक्त की गई। इस बीच जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दफ्तर परिसर में बैठक आयोजित की गई। इसमें कुछ शिक्षामित्रों ने अपने सिर का मुंडन कराया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि शिक्षामित्रों की सूबे के मुख्यमंत्री से मांग है कि शिक्षामित्रों को पूर्ण कालिक शिक्षक बनाया जाए। मृतक शिक्षामित्र भाई-बहन के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था की जाए। जिलाध्यक्ष के मुताबिक कलक्ट्रेट पर भी ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में जिला प्रवक्ता रविंद्र खारी व संगठन मंत्री शिवराज सिंह समेत चेतन्य स्वरूप व शैलेष यादव के नाम हैं।
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वहीं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के तत्वावधान में बीएसए दफ्तर परिसर में बैठक आयोजित की गई। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार यादव ने कहा कि 25 जुलाई 2017 को शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त हुआ था। अब सभी शिक्षामित्र अवसाद ग्रस्त जीवन व्यतीत कर रहे हैं। करीब सात सौ से अधिक शिक्षामित्रों की मृत्यु हो चुकी है। इसके चलते प्रदेश सरकार को चाहिए कि मृत शिक्षामित्रों के परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाए। शिक्षामित्रों को दूसरे राज्योें की तरह सभी सुविधाएं दी जाएं। इस बीच मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन बीएसए दफ्तर पर सौंपा गया। ज्ञापन में मोहम्मद आशिव, यशपाल यादव, रजनीश शर्मा,धर्मपाल सिंह, ओमकार, बलवीर सिंह, अमर सिंह, फरहत अली खान, मदनलाल यादव, भानुप्रताप, दुर्वेंद्र सिंह व रक्षपाल सिंह के नाम हैं।
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