चंदौसी। जनपद बदायूं के गांव ओरछी गांव में कम क्षमता के ट्रांसफार्मर के कारण ग्रामीणों को सुचारु विद्युतापूर्ति नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों ने अघोषित बिजली कटौती को लेकर एसडीओ के कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
शहर से सटे जनपद बदायूं के गांव ओरछी के विद्युतापूर्ति विद्युत वितरण खंड चंदौसी से की जाती है। इस गांव में लगभग ऐसे छह सौ परिवार है, जिनके पास विद्युत कनेक्शन हैं। इनके लिए सुचारु विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विद्युत आपूर्ति के लिए मात्र 63 केेवी का एक ट्रांसफार्मर ही उपलब्ध है। जबकि लोड इससे कहीं अधिक है। इस कारण वह आए दिन फुंक जाता है। हालांकि गांव के प्राइमरी स्कूल पर दूसरे ट्रांसफार्मर के लिए दो खंभे काफी समय पूर्व लगा दिए गए थे, लेकिन इन पर ट्रांसफार्मर आज तक नहीं रखा गया है। इससे विभाग का नुकसान हो रहा है और ग्रामीणों को बेहतर विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। गांव ओरछी के ग्रामीण काफी संख्या में सोमवार को विद्युत वितरण खंड पहुंचे और उप खंड अधिकारी के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। गांव की विद्युत आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में बिजेंद्र कुमार, पप्पू, ब्रजपाल, पदम सिंह, छत्रपाल, नन्हे, आकाश, राजू , संजय कुमार, सत्यवीर, रामकिशोर, शेषनाथ, राकेश, कृष्णपाल, किशन, ओमप्रकाश, हरिओम, जसवीर आदि शामिल रहे।
शहर में भी हो रही जबरदस्त बिजली कटौती
चंदौसी। शहर की विद्युतापूर्ति भी बदहाल हो गई है। शहर में कई क्षेत्रों में कई कई घंटे की कटौती की जा रही है। वहीं, जिन क्षेत्रों में बिजली दी भी जा रही है वहां हर पांच से दस मिनट में ट्रिपिंग हो रही है। इससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी और उमस के बीच विद्युतापूर्ति की स्थिति काफी दयनीय होती जा रही है। शहरी फीडर टाउन-2 व 4 की हालत सर्वाधिक खराब है। यहां के राजेश शर्मा ने बताया कि टाउन-2 से जुड़े दर्जनों मोहल्लों में सुबह से ही बिजली काट दी गई, दो दोपहर करीब दो बजे सुचारु की जा सकी, लेकिन उसके बाद लगातार ट्रिपिंग होती रही। इसके अलावा शहर के अन्य क्षेत्रों में भी बिजली सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। हर पांच से दस मिनट में ट्रिपिंग हो रही है। लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अहम बात तो यह है कि कोई भी विभागीय अधिकारी फोन रिसीव नहीं कर रहा है, जिससे लोगों को यह जानकारी ही नहीं मिल पाती है कि खराबी क्या है और बिजली कब तक आएगी।
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