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चंदौसी को जाम से राहत मिलने को लगा झटका, ओवरब्रिज स्वीकृत नहीं

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चंदौसी। राज्यसभा सदस्य जावेद अली खां के राज्य सभा में उठाए गए सवाल के जवाब ने चंदौसी को 39 बी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण से शीघ्र जाम से राहत मिलने की उम्मीदों को जोरदार झटका दे दिया है। रेल मंत्रालय ने ओवरब्रिज निर्माण से पल्ला झाड़ लिया। वहीं, नेशनल हाइवे अथारिटी ने अभी तक सिर्फ प्रस्ताव ही भेजा है, जिसे स्वीकृति नहीं मिली है।
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पिछले दिनों जब सत्तारूढ़ दल की ओर से यह दावा किया गया कि शीघ्र ही चंदौसी में 36बी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होगा। इससे लोगों की उम्मीदें बंधी। वहीं, चुनावी दौर में चंदौसी आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी ओवरब्रिज निर्माण की बात कही थी, लेकिन राज्य सभा सदस्य जावेद अली खान ने हाल ही में राज्य सभा में सवाल उठाया, जिसमें पूछा गया कि क्या 36बी रेलवे फाटक चंदौसी में ओवरब्रिज निर्माण के लिए किसी जनप्रतिनिधि ने ज्ञापन दिया। क्या रेलवे लाइन के ऊपर पुल की मंजूरी हुई है, यदि हां तो प्रगति क्या है। नहीं तो क्या कारण है। इन सवालों के जवाब में चंदौसी की उम्मीद टूटती नजर आ रही है। जावेद अली खान के अनुसार बताया गया कि किसी प्रतिनिधि ने कोई ज्ञापन नहीं दिया। रेल मंत्रालय ने जवाब दिया कि पुल निर्माण का काम एनएचएआई का है। वहीं नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया के मुरादाबाद क्षेत्र के परियोजना निदेशक ने बताया कि चंदौसी में 36बी फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव गया हुआ है, लेकिन अभी उसे स्वीकृति नहीं मिल सकी है। वहीं एक समस्या यह भी आ रही है कि एनएचएआई ने चंदौसी में हाइवे को बाईपास बना दिया है। ऐसे में क्या वह 36बी रेलवे फाटक के मार्ग को हाइवे का हिस्सा मानेंगे। यदि नहीं तो ओवरब्रिज कैसे बनाएंगे। इस सवाल का जवाब अभी एनएचएआई के पास नहीं है। जबकि चंदौसी में सर्वाधिक जाम इसी रेलवे फाटक पर लगता है, यदि यहां ओवरब्रिज बनता है, तभी चंदौसी को जाम से निजात मिल पाएगी।
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