कांठ। आशा कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग की है। अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का एलान करते हुए 16 जुलाई को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपे जाने का निर्णय लिया गया है।
शनिवार को सीएचसी में आशा कार्यकत्रियों ने एक बैठक में कहा कि वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य कार्यों की रीड़ हैं। आशा कार्यकर्ता ही प्राथमिक भूमिका निभाती हैं। आशा कार्यकर्ताओं ही जनसंख्या नियंत्रण मेें योगदान के साथ मां, बच्चे, किशोर, किशोरी तक सही जानकारी पहुंचाती हैं। लेकिन वह उपेक्षा का शिकार हैं। सबसे पहले स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाती हैं। लेकिन इसके बाद भी वह अभावों में जीवन यापन करने को विवश हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने अपने अधिकार पाने के लिए एसोसिएशन के बैनर तले 16 जुलाई को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर ब्लाकाध्यक्ष किरनलता, शिखा, वीना विश्नोई, प्रभारानी, आमना खातून आदि मौजूद रहीं।