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मिलक में लेखपाल संघ के अध्यक्ष औैर मंत्री पर रिपोर्ट दर्ज होते ही काम पर लौटे संघ के पूर्व मंत्री

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मिलक। हड़ताल पर अड़े लेखपाल संघ के निलंबित अध्यक्ष और मंत्री पर एस्मा का उल्लंघन पर केस दर्ज होने पर खलबली मच गई। रिपोर्ट होते ही संघ के पूर्व मंत्री काम पर लौट आए। वहीं दूसरी ओर दो लेखपालों पर रिपोर्ट दर्ज होते ही हरकत में आई पुलिस ने विवेचना शुरू की। उपजिलाधिकारी राकेश कुमार गुप्ता के आदेश पर एस्मा का उल्लंघन करने पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष राजीव सक्सेना और मंत्री सुमित सक्सेना के खिलाफ रजिस्ट्रार कानूनगो रोशन लाल की ओर से बीती रात रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें एस्मा का उल्लंघन करने, अनाधिकृत रूप से सरकारी रिकार्ड कब्जे में करने और एस्मा का उल्लंघन करने के लिए लेखपालों को उकसाने का आरोप था। कई दिनों से प्रशासन लेखपालों के काम पर वापस लौटने के इंतजार में था ,लेकिन हड़ताल पर अड़े लेखपालों की मंशा भांपकर बीती रात रिपोर्ट दर्ज कराना पड़ी। रिपोर्ट दर्ज होते ही लेखपालों में खलबली मच गई है ,लेकिन वह अभी काम पर नहीं लौटे हैं। काम पर नहीं लौटने वाले लेखपालों में दो निलंबित लेखपाल और 29 प्रशिक्षणार्थी लेखपाल शामिल हैं। 29 लेखपालों को प्रशासन सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर चुके हैं। जिसकी समय सीमा 12 जुलाई को खत्म हो गई। इस बीच लेखपाल संघ के पूर्व मंत्री ओमकार सिंह शनिवार को हड़ताल छोड़कर काम पर वापस लौट आए। उन्होंने उपजिलाधिकारी को हड़ताल का बहिष्कार स्वेच्छा से समाप्त करने और काम पर लौटने को लिखित आख्या दी। जिसको स्वीकार कर लिया गया। वहीं दूसरी ओर दो लेखपालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आ गई है। विवेचना वरिष्ठ उप निरीक्षक कृष्ण अवतार शुक्ला को मिली है। उन्होने तहसील में जाकर संबधित लेखपालों के पता ठिकाने की जानकारी की। उधर एसडीएम ने काम पर वापस आए लेखपाल को एस्मा के तहत जारी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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