कांठ। हड़ताल को अवैध घोषित किए जाने के बाद भी लेखपाल काम पर वापस नहीं आए हैं। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील में प्रमणपत्रों को निर्गत किए जाने के लिए जरूरी रिपोर्ट आदि लगाने को अभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
पिछले करीब एक सप्ताह से लेखपाल कार्य बहिष्कारकर हड़तालपर हैं। जिससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनवाने वालों को है। इस समय कॉलेजों में एडमीशन चलने के साथ तमाम प्रतियोगी परीक्षाएं भी हैं। इनमें आवेदकों के आय जाति के साथ निवासी प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। लेखपालों की हड़ताल के कारण आवेदनपत्रों पर सत्यापित रिपोर्ट नहीं लग रहीं हैं। इसके कारण प्रमाणपत्र भी जारी नहीं हो रहे हैं। पूरा दिन तहसील में प्रमाणपत्र पाने के लिए भीड़ लगी रहती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लेखपालों की हड़ताल को अवैध घोषितकर दिया है। लेकिन इसके बाद भी लेखपाल काम पर वापस नहीं लौट रहे हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी हड़ताली लेखपालों के बस्ते जमा कराए जाने से प्रशासन कतरा रहा है। यही लेखपाल वापस नहीं लौटे तो अनेकों छात्रों का भविष्य खतरे में है।