चंदौसी। सूबे में जब सपा सरकार थी तो कई सरकारी वाहन, उपकरणों पर सपाई रंग नजर आ रहा था। यहां तक कि जो ई-रिक्शे सरकार ने बांटे थे, उनका रंग भी सपा के झंडे जैसा ही था, लेकिन अब लाल-हरा रंग उतरने लगा है। अब सरकारी इमारतें और उपकरणों भगवा रंग में सराबोर होने लगे हैं। इसे आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी भी माना जा सकता है।
राजनीति के रंग व खेल दोनों निराले होते हैं। इसमें रंगों का भी अपना एक महत्व है। जब जिसकी सरकार आई, उसी का रंग चढ़ने लगता है। यहां सरकारी कार्यालयों का रंग भगवा होने लगा है। यही नहीं कुछ सरकारी उपकरण भी भगवामय होने लगा है। कृषि उत्पादन मंडी समिति पूरी तरह से भगवामय हो गई। ऐसा ही थाना बनियाठेर के भवन को भी केसरिया रंग से पुताई की गई है। शहर में लगे वाटर कूलर जो अब तक सपा के झंडे में रंगे हुए थे। अब वह केसरिया रंग में रंग रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी के शासन से इसकी शुरुआत हुई। उसी के पदचिह्नों पर समाजवादी की सरकार चली। अब भाजपा की सरकार केसरिया रंग में रंगने लगी है। अधिकांश रोडवेज बसों का रंग अब केसरिया हो गया है।
शासन या किसी पार्टी से इसका कोई मतलब नहीं है और ना ही ऐसे कोई दिशा निर्देश हैं लेकिन भगवा रंग मेरी पसंद है। इसीलिए वाटर कूलर का रंग भगवा किया जा रहा है। ----इंदूरानी नगरपालिका अध्यक्ष चंदौसी
शासन से ऐसे कोई दिशा निर्देश नहीं है और ना ही स्थानीय स्तर पर कोई निर्देश संबंधति ठेकेदार को दिए गए हैं। यह रंग पुताई करने वाले कर्मचारियों ने ही चुना है।
----पीएस गंगवार, सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति चंदौसी।