सरकार ने किसानों केकर्ज माफ करने की घोषणा की तो दूसरी योजनाओं में ऋण लेने वालों ने भी आवेदन कर दिया। ऐसे करीब पांच सौ लोगों के आवेदन आधा दर्जन विभागों के अधिकारियों के लिए सिर दर्द बन गए हैं। लोग विभागों में कर्ज माफी के बारे में पूछ रहे हैं। हालांकि इन विभागों केअधिकारी आवेदकों को साफ तौर पर मना कर चुके हैं कि उनकेलिए सरकार की कोई योजना नहीं है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने केबाद लघु एवं सीमांत किसानों केएक लाख तक केकर्ज माफ करने की घोषणा की गई थी। जिसकेअंतर्गत 1,34,137 किसानों का 322 करोड़ रुपये का कर्जा माफ हुआ था। अभी भी करीब छह हजार किसानों के आवेदन लंबित पड़े हैं। उनकी कृषि विभाग और तहसीलों में जांच की जा रही है।
उप निदेशक कषि प्रसार सीएल वर्मा का कहना है कि लंबित आवेदनों में से जांच में जिनकेआवेदन सही होंगे। उन्हें प्रदेश सरकार की ऋण माफी योजना का फायदा दिया जाएगा। इनके अलावा जिला नगरीय विकास अभिकरण (़डूडा) मुद्रा लोन योजना, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, समाज कल्याम वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण निगम के माध्यम से कर्जा लेने वाले करीब पांच सौ लोगों ने भी किसानों की तर्ज पर कर्ज माफी के लिए इन विभागों में आवेदन किए थे। इन सभी को विभागों ने खारिज कर दिया है लेकिन लोग अब भी इन आवेदनों के आधार पर कर्ज माफी के लिए अफसरों से गुहार लगा रहे हैं।