मोदी सरकार ने अपने आखिरी बजट में मध्यमवर्ग को साधने की पूरी कोशिश की है। पांच लाख रुपये की आय टैक्स फ्री होने से नौकरीपेशा कर्मचारियों और व्यापारी वर्ग को सबसे बड़ी राहत मिली है। महंगाई के साथ कर्मचारियों को 7वां वेतनमान से इनकम बढ़ी है। व्यापारियों की भी आमदनी में इजाफा हुआ है।
- स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने और करदाताओं के बचत करने पर साढ़े छह लाख रुपये इनकम टैक्स फ्री होने से मध्यम वर्गीय परिवारों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी। - राजीव गुप्ता
- महंगाई तेजी से बढ़ी है। आयकर स्लैब सीमा ढाई लाख रुपये से बढ़कर पांच लाख होने, 40 हजार तक एफडी ब्याज टैक्स फ्री होने और डेढ़ लाख निवेश पर टैक्स नहीं लगने से कर्मचारी बचत कर पाएंगे। - असद कमाल
- बजट मध्यम वर्ग और व्यापारियों के हित में है। महंगाई के साथ नौकरीपेशा कर्मियों एवं व्यापारियों की आमदनी भी बढ़ी है। आयकर छूट सीमा पांच लाख और बचत करने पर साढ़े छह लाख होने से बड़ी राहत है। - आसिफ हुसैन
- सरकार ने भले ही चुनावी बजट पेश किया है, लेकिन ओवरऑल बजट देश हित और आम जनता के हित में है। आयकर रिटर्न फाइल करने के मानसिक दबाव से छुटकारा मिल गया। - राहुल शर्मा
- बजट में पेंशन योजना एनपीएस पर 50 हजार की अतिरिक्त छूट और ग्रेच्युटी 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये होने से कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। - सुशीला देवी
- वित्तमंत्री ने सभी का ख्याल रखा है। किसानों से लेकर मजदूरों और नौकरीपेशा कर्मचारियों के हित में है। किसानों और मजदूरों के आर्थिक रूप से मजबूत होने से देश के विकास में तेजी आएगी। - कुंदन सिंह