नए शिक्षा सत्र के लिए निजी स्कूलों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में अपना शुल्क विवरण जमा करवाना शुरू कर दिया है। निजी स्कूलों के लिए सत्र शुरू होने से 60 दिन पहले फीस स्ट्रक्चर वेबसाइट पर जारी करने की अनिवार्यता है। स्कूलों के पास 31 जनवरी तक का समय है। इसके बाद स्कूलों को नोटिस जारी कर कार्यवाही की जाएगी।
निजी स्कूल अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलते हैं। अभिभावकों को राहत देने के लिए योगी सरकार ने 2018 में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र शुल्क विनियम अधिनियम लागू किया है। सभी निजी स्कूल इसके दायरे में हैं। अधिनियम के अंतर्गत स्कूलों को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में अपना शुल्क का पूर्व विवरण प्रस्तुत करना होगा।
प्रस्तुत शुल्क को जनपदीय शुल्क नियामक समिति में रखा जाएगा और इसके बाद ही स्कूल अपना फीस स्ट्रक्चर वेबसाइट में लोड करेंगे। शैक्षिक सत्र शुरू होने से 60 दिन पहले इसकी अनिवार्यता है।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि सभी स्कूलों को 10 जनवरी तक फीस स्ट्रक्चर जमा करने के निर्देश दिए थे। जनवरी पहले सप्ताह निजी स्कूलों के अवकाश होने के कारण अधिकतर स्कूल पहले दिन फीस स्ट्रक्चर जमा नहीं कर पाए। मुरादाबाद जिले में 54 स्कूल इस दायरे में हैं। पहले दिन कुछ स्कूलों ने ही फीस स्ट्रक्चर जमा किया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि 31 जनवरी तक हरहाल में स्कूलों को फीस स्ट्रक्चर देना होगा। इसके बाद कार्यवाही की जाएगी।
सालाना नहीं लेंगे फीस
निजी स्कूल बच्चों की सालाना एकमुश्त फीस जमा नहीं करवा सकेंगे। मासिक, त्रैमासिक और छमाही फीस लेने वाले स्कूलों को शुल्क विवरण के साथ इसका उल्लेख करना होगा। फीस जमा करने पर अभिभावकों को रसीद भी देनी होगी।