राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत टांडा अफजल स्थित राजकीय हाईस्कूल भवन के निर्माण में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के दो अधिशासी अभियंता और एक सहायक अभियंता को दोषी माना गया है। शासन के आदेश पर मुख्य अभियंता पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जांच में प्रथमदृष्टया अधिशासी अभियंता आफताब अहमद और एके शर्मा तथा सहायक अभियंता हेमंत सक्सेना को 66,735 रुपये की क्षति पहुंचाने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
अपर मुख्य सचिव इफ्तेखारुद्दीन की ओर से जारी आदेश में कहा है कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के चीफ इंजीनियर की जांच केबाद इन अभियंताओं के खिलाफ विस्तृत जांच कर चार्जशीट तैयार करने के आदेश किए हैं। दोनों एक्सईएन की जांच अधीक्षण अभियंता मुरादाबाद करेंगे। जबकि सहायक अभियंता की जांच अधिशासी अभियंता मुरादाबाद को सौंपी गई है। इन अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान जिले के टांडा अफजल सहित दस स्थानों पर राजकीय हाईस्कूल का निर्माण कराने के लिए 69-69 लाख रुपये जारी किए गए थे। टांडा के स्कूल भवन निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत पर डीएम तथा नोडल अधिकारी ने विस्तार से जांच कराने का अनुरोध शासन से किया था। उसी आधार पर मुख्य अभियंता की ओर से कराई गई जांच में अनियमितता और 66,735 रुपये की क्षति की पुष्टि हुई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि टांडा अफजल स्थित हाई स्कूल भवन शिक्षा विभाग को नहीं सौंपा है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की ओर से बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। भवन निर्माण में गड़बड़ी की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी है। निर्माण में गड़बड़ी विभागीय मामला होने के कारण अधिकारी अपने स्तर से कार्रवाई कर रहे होंगे।