मंडलायुक्त अनिल राजकुमार ने बुधवार को चांदपुर और बिजनौर शुगर मिलों के मुख्य महाप्रबंधकों को तलब कर साफ निर्देश दिए हैं कि दोनों चीनों मिलों में पेराई हर हाल में होगी। जांच के बहाने मिलें पेराई करने से इंकार नहीं कर सकतीं। गन्ना आयुक्त के आदेशों का हवाला देते हुए मंडलायुक्त ने मिलों को निर्देश दिया है कि अक्तूबर तक पेराई शुरू करें। मंडलायुक्त ने गन्ना आयुक्त से मंडल में गन्ना बकाया भुगतान समेत विभिन्न मुद्दों पर बात भी की है।
चांदपुर और बिजनौर शुगर मिलों के खिलाफ जांच चल रही है। दोनों मिलों को चड्ढा ग्रुप ने वर्ष 2010 में यूपी शुगर कार्पोरेशन से खरीदा था। कीमत से काफी कम में इन मिलों को बेचे जाने पर जांच बैठी थी। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। इसे लेकर जांच भी चल रही है। इसी जांच का बहाना बनाकर चांदपुर और बिजनौर शुगर मिलों ने पेराई में हाथ खड़े कर दिए थे। भाकियूू ने इसे लेकर आंदोलन किया था। मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर भाकियू ने शिकायत की थी कि दोनों शुगर मिलों ने अभी तक कोई तैयारी शुरू नहीं की है। यदि मिलें पेराई नहीं करेंगी तो किसानों को बड़ा नुकसान होगा। इस मुद्दे पर मंडलायुक्त ने बुधवार को चांदपुर और बिजनौर शुगर मिल के मुख्य महाप्रबंधकों को बुलाया था। कमिश्नर ने गन्ना आयुक्त से बात करने के बाद दोनों को निर्देश दिया है कि जांच के दौरान मिलों को बंद करने का कोई औचित्य नहीं है। मिलें पेराई करेंगी। उन्होंने दोनों मिलों के प्रबंधनों से कहा है कि वह अक्तूबर में ही मिलों का संचालन शुरू करें। कमिश्नर ने बताया कि किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान जल्द कराया जाएगा। इसके लिए मिलों से बात की जा रही है। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने वाली मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।