मुरादाबाद। मुख्यमंत्री के शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाने के बाद मेयर और नगर आयुक्त हरकत में आ गए हैं, जबकि सफाईकर्मियों ने मनमानी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के जाते ही शहर के ज्यादातर हिस्सों की सफाई व्यवस्था धड़ाम हो गई।
स्वच्छता सर्वेक्षण मेें पिछड़ने के बावजूद अधिकारी महानगर को साफ शहर मानकर चल रहे थे। साथ ही सफाई को बेहतर बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने पिछले सप्ताह लखनऊ में ओडीएफ और स्वच्छता अभियान में लापरवाही की बात कहकर नाराजगी जताई थी। रविवार को मुख्यमंत्री ने दौरे के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में शदर को गंदा बताया था। महापौर को भी हिदायत दी थी। सीएम की सख्ती के बाद अधिकारी और कर्मचारी हरकत में आ गए और सोमवार को पूरे शहर में सफाई अभियान चलाया गया । मुख्यमंत्री के जाने केबाद मंगलवार को मेयर और नगर आयुक्त सफाई व्यवस्था को लेकर लगतार रणनीति तैयार करते रहे। इसी बीच सफाई कर्मियों ने लापरवाही शुरू कर दी।
सर्किट हाउस के सामने मंगलवार को गंदगी फैली हुई थी। ज्यादातर कबाड़ नाले में भर दिया गया था। यही हाल मंडी गेट का भी था। यहां पर सफाई कर्मियों ने सड़क साफ करके कबाड़ को नाले में भर दिया था। रोडवेज डिपो के सामने सड़क पर गंदगी के ढ़ेर लगे थे और कबाड़ से नाला अटा हुआ था। गलशहीद, पीतल नगरी, हरथला, एकता विहार, सूर्य नगर और चंद्र नगर में गंदगी फैली मिली।
महिला संगठन सड़कों पर होंगे
भाजपा महिला मोर्चे की प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रिया अग्रवाल ने मंगलवार को महिला संगठनों की बैठक प्रभात मार्केट पर ली। उन्होंने सभी वार्ड में महिला समितियों का गठन कर सफाई की निगरानी का काम सौंपा हे। सुबह महिला संगठनों की पदाधिकारी सफाई कार्य का निरीक्षण करेंगी और स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगी।
महानगर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। सभी को मिलकर शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाना है। सड़कों पर गंदगी फैलाने और नालों में कूड़ा फेंकने की प्रवृति तत्काल छोड़नी होगी। अबकी बार शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में भी बेहतर स्थान दिलाने का संकल्प लेना होगा । - अवनीश शर्मा, नगर आयुक्त।