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बजट खपाने की होड़ में जनता का कुछ तो भला होगा

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मुरादाबाद। पूरे साल चिकित्सा सुविधाओं और दवाओं की खरीद के लिए सरकार के आगे झोली फैलाने वाले स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय साल के आखिर में सरकार ने कुछ छींटे मार दिए हैं। जिला अस्पताल में एमआरआई जांच मशीन लगाने और दवाओं की खरीद के लिए बजट जारी हो गया है। बजट भले ही ऊंट के मुंह में जीरा है, लेकिन मरीजों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
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मुरादाबाद जिला चिकित्सालय मंडल का सबसे बड़ा अस्पताल है। सड़क दुर्घटनाओं के सबसे अधिक घायल संयुक्त अस्पताल में ही रेफर होकर आते हैं। अस्पताल में एमआरआई जांच की सुविधा नहीं होने से मरीजों को मेरठ और शहर के निजी अस्पतालों में निर्भर रहना पड़ता है। इससे मरीजों की भागदौड़ के अलावा पैसा बर्बाद होता है। चिकित्सालय में एमआरआई मशीन के लिए 44 लाख रुपये का बजट जारी हो गया है। जल्द ही मशीन स्थापित हो जाएगी।

दवा के लिए नहीं भटकेंगे मरीज
जिला अस्पताल में मरीजों का जबर्दस्त दबाव है। प्रतिदिन ढाई से तीन हजार नए मरीज ओपीडी पहुंचते हैं। ओपीडी के पर्चों में अस्पताल की दवाएं ही लिखने की बाध्यता होती हैं। लेकिन अस्पताल के स्टोर में अधिकांश दवाएं नहीं मिलती हैं। इससे मरीज परेशान होकर भटकते हैं। अस्पताल में दवाओं की खरीद के लिए बजट निर्धारित नहीं है। पिछले साल दवाओं के लिए एक करोड़ 40 लाख रुपये का बजट मिला था। जबकि इस साल एक करोड़ 39 लाख रुपये मिल चुके हैं।
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स्वास्थ्य केंद्रों में मिलेंगी दवाएं
स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं के लिए मरीज भटकते हैं। सरकार ने जिले के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की खरीद के लिए 60 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य केंद्रों का साल भर का बजट दो करोड़ रुपये है। 60 लाख की आखिरी किस्त पिछले सप्ताह जारी हो गई है।

300 करोड़ पहुंच चुका सरकारी भुगतान
वित्तीय साल के आखिरी सप्ताह में जिला कोषागार में दबाव बढ़ गया है। मार्च में अब तक कोषागार से सरकारी विभागों में तीन सौ करोड़ का भुगतान हो चुका है। जिला कोषाधिकारी अरविंद कुमार सिंह के मुताबिक आमतौर पर प्रतिमाह दो सौ करोड़ का भुगतान होता है। लेकिन जनवरी से विभागीय खातों में लेनदेन बढ़ा है। जनवरी में 226 करोड़ का भुगतान हुआ, जबकि फरवरी में यह आंकड़ा 258 करोड़ पहुंच गया। मार्च में सरकारी विभागों में भुगतान 350 करोड़ से अधिक पहुंचने की संभावना है। सप्ताह के आखिरी दिनों में दबाव अधिक रहेगा।
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