उत्पीड़न का आरोप लगाकर प्राध्यापक ने कॉलेज में किया अनशन
चंदौसी (संभल)। एनकेेबीएमजी पीजी कॉलेज में गुरुवार को प्रबंध तंत्र और कॉलेज प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर एसोसिएट प्रोफेसर डा. रॉका शर्मा ने आमरण अनशन किया। गुरुवार को आमरण अनशन की सूचना पर प्रबंध तंत्र ने बैठक कर पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की। प्रबंध तंत्र की बैठक में डा. रॉका शर्मा के 10 दिन का वेतन काटने संबंधी इंट्री को रिवर्स कर दिया गया है।
एनकेबीएमजी पीजी कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डा. रॉका शर्मा ने कॉलेज प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पिछले कई वर्षों से डा. रॉका शर्मा का मामला चल रहा है। डा. रॉका शर्मा का कहना है कि प्रबंधतंत्र लगातार उनकी समस्याओं के निराकरण में जानबूझ कर हीलाहवाली कर मानसिक उत्पीड़न कर रहा है। कॉलेज प्रशासन पर भी शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने समस्याओं के निदान और उत्पीड़न के खिलाफ गुरुवार को कॉलेज में आमरण अनशन शुरू कर दिया। इससे पहले मंगलवार को डा. रॉका शर्मा अनशन पर बैठी थीं। तहसीलदार और ईओ के आश्वासन पर अनशन समाप्त कर दिया गया था। बुधवार को प्रबंधतंत्र की ओर से बैठक की घोषणा के बाद भी कई जिम्मेदार नहीं पहुंचे। जिसके कारण डा. रॉका शर्मा ने अपमानित करने तथा उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को फिर से अनशन शुरू कर दिया। एसोसिएट प्रोफेसर डा. रॉका शर्मा ने अनशन किया तो प्रबंध तंत्र ने बैठक की। जिसमें विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य पंकज शर्मा, संगीता भार्गव, प्राचार्य अनीता जॉन, डा. हरीप्रकाश अग्रवाल मौजूद रहे। अवैतनिक सचिव/ अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार रस्तोगी ने बताया कि डा. रॉका शर्मा का 10 दिन का वेतन काटने संबंधी एंट्री को रिवर्स कर दिया गया है। डा. रॉका शर्मा ने अनशन समाप्त कर दिया है।