समान कार्य समान वेतन को शिक्षामित्रों ने दिया धरना
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
बहजोई। समान कार्य समान वेतन को लेकर प्रदेश भर के शिक्षामित्र आंदोलनरत हैं। शिक्षामित्रों ने अपने परिवार का भविष्य संरक्षित करने के लिए बीएसए दफ्तर पर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
शुक्रवार को सुबह दस बजे से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में शिक्षामित्र जुटना शुरू हो गए। मानदेय दस हजार रुपये करने का विरोध करते हुए समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर धरना दिया। धरने में जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। उन्होंने कहा कि करीब 15-16 वर्ष शिक्षामित्र परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। अब समायोजन रद्द होने के बाद रोजगार का कोई विकल्प नहीं बचा है। इसके बाद धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार चंदौसी संजय कुशवाहा को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें बताया है कि आरटीई के तहत पैरा नंबर 04 में संशोधन का प्रस्ताव जल्द किया जाए। संशोधन होने तक प्रदेश भर के 01 लाख 70 हजार शिक्षामित्रों को समान कार्य समान वेतन का आदेश जारी किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आत्महत्या कर चुके 55 शिक्षामित्रों के परिवार को 25-25 लाख रुपये मुआवजा तथा परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेष कुमार, रविंद्र खारी, श्रीराम सैनी, शफीक अहमद, नौरत्न सिंह, विनय गुप्ता व संजी कुमार आदि रहे।