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यूट्यूब से सीखा ठगी का नया तरीका: एटीएम में फेवीक्विक से डेबिट कार्ड चिपका कर उड़ाए लाखों रुपये, दो गिरफ्तार

Fri, 29 Dec 2023 11:04 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

पुलिस ने एटीएम में फेवीक्विक से डेबिट कार्ड चिपका कर लाखों रुपये चुराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने यूट्यूब से ठगी का नया तरीखा सीखा। दोनों ठग फुटेज की मदद से बिलारी में पकड़े गए। दोनों पर केस दर्ज किया गया। 
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दो आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिलारी में अलग तरीके से ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया है। इस गिरोह सदस्य एटीएम में लोगों के पहुंचने से पहले फेवीक्विक लगा देते थे। उनका डेबिट कार्ड फंसने के बाद उन्हें बैंक में शिकायत करने की सलाह देकर भेज देते और उनके लौटने पर डेबिट कार्ड बदलकर भाग निकलते। 

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इन्होंने अब तक मुरादाबाद, गाजियाबाद समेत कई शहरों में 30 से ज्यादा वारदातों को अंजाम देकर 15 लाख रुपये उड़ा लिए हैं। ठगों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्होंने ये अनोखा तरीका यूट्यूब के जरिए सीखा है। 

ऐसे देते थे चोरी की वारदात को अंजाम
एसपी देहात संदीप कुमार मीना ने बताया कि 26 दिसंबर को बिलारी में एक बैंक शाखा में तैनात गार्ड ने सूचना दी कि उनकी मशीन में कोई युवक फेवीक्विक लगाकर चला गया है। जिससे ग्राहकों के एटीएम मशीन के रैप में डेबिट कार्ड चिपक रहे हैं। तब पुलिस ने सीसीटीवी खंगाली तो उसमें दो युवक फेवीक्विक लगाते दिखाई दिए। फुटेज के आधार पर पुलिस ने संभल के हजरत नगर गढ़ी थाना क्षेत्र के बारीपुर भमरौआ निवासी रिजवान खान और फैजान हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। 
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह ऐसे एटीएम की तलाश करते हैं, जहां कोई गार्ड नहीं होता है। इसके बाद वह ग्राहक के आने से कुछ देर पहले ही मशीन में फेवीक्विक लगा देते हैं। डेबिट कार्ड फंसने पर एक ठग ग्राहक की मदद करने का नाटक करते समय पासवर्ड चोरी कर लेता था। इसके बाद दूसरा उसे सलाह देता था कि मेरा भी कार्ड फंस गया था। 

बैंक में जाकर मैनेजर से शिकायत की, तब जाकर कार्ड काम करने लगा। आरोपी मुरादाबाद, गाजियाबाद, दिल्ली और अन्य शहरों में 30 से ज्यादा घटनाओं को अंजाम देकर 15 लाख रुपये इसी तरीके से उड़ा चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से डेबिट कार्ड, नकदी, फर्जी आधार कार्ड, हुंडई कार, तमंचा और कारतूस भी बरामद किया है। शुक्रवार दोपहर पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।

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गाजियाबाद से जेल जा चुका है फैजान
बिलारी थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि रिजवान 12वीं और फैजान दसवीं कक्षा तक पढ़ा है। फैजान पहले गाजियाबाद में ऑटो चलाता था। वहां उसकी मुलाकात एक ठग से हुई थी। उसने ही उसे बताया था कि कार्ड बदलकर भी लोगों के साथ ठगी की जा सकती है। 

फैजान ने इस मामले में गाजियाबाद में पकड़ा भी गया था। जेल से रिहा होने के बाद उसने अपने साथी रिजवान के साथ दोबारा ठगी की घटनाएं शुरू कर दी थी। इस बार दोनों ने यूट्यूब डेबिट कार्ड बदलने का नया तरीका सीखा और वारदातों को अंजाम दिया।
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