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सो गए श्रीहरि, चार महीने के लिए बंद हो गईं शादियां
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हिंदू मान्यता के अनुसार देवशयनी एकादशी से बंद हो जाते हैं शुभ कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
चंदौसी।
ज्योतिष विद्वानों के अनुसार चार जुलाई यानी आज देवशयनी एकादशी पर भगवान श्रीहरि विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले गए हैं। उनका सृष्टि पालन का अतिरिक्त कार्यभार भगवान भोलेनाथ को मिल गया है। इसलिए आगामी चार महीनों के लिए शादी ब्याह, गृह प्रवेश, मुहूर्त आदि सभी शुभकार्य बंद हो गए हैं।
सोमवार तक सभी स्थानों पर खूब बैंडबाजे बजे। शादियां हुई लेकिन मंगलवार को देवशयनी एकादशी के साथ इन पर विराम लग गया है। पंडित भूदेव शंखधार बताते हैंकि देव शयनी एकादशी को इसलिए ही देवशयनी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन कायनात के सृजनहार, पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। उनकी निद्रा के दौरान कोई शुभ कार्य संभव नहीं है, इसलिए शादी ब्याह, मुहूर्त, गृह प्रवेश आदि सभी शुभ कार्य ठप रहते हैं। इनकी शुरुआत अब कार्तिक शुक्ल पक्ष में देवोत्थान एकादशी को ही होगी।
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उन्होंने बताया कि ऐसी मान्यता हैकि श्रीहरि विष्णु सृष्टि के पालक हैं, योग निद्रा में जाने से पूर्व वह अपना कार्य सृष्टि के संहारक भगवान भोलेनाथ को दे जाते हैं। यानी अब चार महीने तक भगवान भोलेनाथ संहार के साथ साथ सृष्टि के पालन का भी कार्य करेंगे। शायद यही कारण हैकि सावन मास में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना बेहद खास हो जाती है। इधर मैरिज हाल, धर्मशालाओं, होटलों के कारोबार पर भी इसका सीधा असर पड़ता है।
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