जहन्नुम से निजात दिलाता है रमजान का तीसरा अशरा
चंदौसी।
माह-ए-रमजान के तीसरे अशरे में जहन्नुम से छुटकारा पाने के लिए मोमीन पूरी शिद्दत से अल्लाह की बंदगी में जुटे हुए हैं। तीसरे और अंतिम अशरे के शुरू होते ही ईद की तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। करोबारी भी उत्साहित हैं। लोगों को ईद की तैयारियों के बीच नकदी की कमी खल रही है।
माह-ए-रमजान को तीन अशरों में बांटा गया है। रमजान के पाक महीने के दो अशरे खत्म हो चुके हैं। तीसरा अशरा चल रहा है। तीसरे अशरे में अल्लाह की विशेष इबादत करने से जहन्नुम से छुटकारा मिलता है। रोजेदार जहन्नुम से छुटकारा पाने के लिए अंतिम और विशेष अशरे में अल्लाह की पूरी शिद्दत के साथ इबादत में जुटे हुए हैं। काजी मरगूब का कहना है कि यूं तो माह-ए-रमजान का हर एक दिन इबादत के लिए विशेष है। लेकिन तीसरा अशरे को जहन्नुम से छुटकारा दिलाने के लिए अहम माना गया है। रोजेदारों ने शनिवार को दिन भर भीषण गर्मी के बीच रोजा रखकर अल्लाह की विशेष इबादत की। सुबह को सेहरी के साथ शुरू हुए रोजा को इफ्तार के साथ संपन्न किया। रोजा रखकर दिन भर नेकी के काम किए। अल्लाह की विशेष इबादत का नजारा दिखा। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में देर रात तक चहल पहल नजर आई। मस्जिदों में तकरीरें हुईं। नमाज के लिए मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों में पहुंचे।