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खनन-टकराव-

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ग्रामीणों व खनन कारोबारियों में टकराव की नौबत, पहुंचा प्रशासन
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बबराला/गुन्नौर।
गुन्नौर तहसील क्षेत्र के डूंडाबाग गांव में महावा नदी के किनारे खनन को लेकर कारोबारियों व ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। सैकड़ो ग्रामीण खनन को रोकने के लिए मौके पर जमा हो गए। भनक लगते ही जिला प्रशासन में खलबली मच गई। एसडीएम व सीओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। टकराव की स्थिति टालने के लिए प्रशासन ने आक्रोशित ग्रामीणों के साथ वार्ता की। समझा बुझाया। ग्रामीणों के कहने पर रात को ही भूमि की पैमाइश शुरू कराई। बाद में ग्रामीणों ने दिन में पैमाइश कराने की बात कही। इसके बाद ही ग्रामीण घरों को वापस लौटे, तभी प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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डूंडाबाग की महावा नदी पर पिछले एक सप्ताह से खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए शनिवार को एसडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान व पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रवीण मलिक भारी पुलिस बल व पीएसी बल को साथ लेकर तकरीबन अपराह्न दो बजे गांव पहुंचे। जिनके साथ गुन्नौर प्रभारी कोतवाल ब्रजेश यादव भी थे। वहीं दूसरी ओर की रास्ते से धनारी थानाध्यक्ष सुनील कुमार बज्र वाहन व महिला कांस्टेबिलों को लेकर पहुंचे। खनन के प्वांइट पर पहले से मौजूद सैकड़ो ग्रामीणों को पुलिस के आने की सूचना लगी, तो उन्होंने भी अपनी रणनीति पर बदलाव करते हुए महिलाओं को आगे कर दिया। साथ ही किसी भी कीमत पर न झुकने का ऐलान कर दिया। जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई, नौबत टकराव होने की बन गई। महिलाओं व अन्य ग्रामीणों का आक्रोश देखकर जिला प्रशासन ने वार्ता की पहल की। एसडीएम व सीओ ने ग्रामीणों से वार्ता की। दो घंटे तक चली वार्ता के दौरान ग्रामीणों का समझाया गया कि वह कानून हाथ में न लें और विरोध करना ही है तो विधिक कार्यवाही के तहत ही विरोध जताएं। जिस पर ग्राम प्रधान पति जय नारायण यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कहा कि हम खनन नहीं रोकेंगे लेकिन प्रशासन को भूमि की सही पैमाइश कराकर खनन के लिए स्थान चिन्हित करना होगा। ताकि किसी भी किसान के खेत का नुकसान न हो सके। जिस पर एसडीएम ने तत्काल चकबंदी एसीओ को बुलाया। तकरीबन साढ़े पांच गांव पहुंचे सहायक चकबंदी अधिकारी भूपेंद्र शर्मा ने कानून-गो सतीशचंद्र गुप्ता व लेखपाल को साथ लेकर रात आठ बजे तक पैमाइश की। लेकिन ग्रामीण रात को की जा रही पैमाइश प्रक्रिया को लेकर एकमत नहीं दिखे। जिस पर ग्रामीणों ने ऐतराज जताते हुए दिन में सही से पैमाइश कराने की बात कही और गांव वापस लौट गए।
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