मुरादाबाद। मतदान में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं। लेकिन चुनाव आयोग की ओर से अधिकृत बंगलूरू की कंपनी ने अभी तक जिले के 29000 मतदाताओं को उनके वोटर आई कार्ड डिलीवर नहीं किए हैं। इनमें से तमाम को उनके बूथ व वोटर लिस्ट में नाम के बारे में भी जानकारी मुहैया नहीं कराई गई है। ऐसे में करीब 29000 मतदाताओं के वोट पर तलवार लटकी है। मतदान की तारीख पास आते ही पूरा सरकारी अमला उसकी तैयारियों में जुट गया है। इसलिए वोटर आई कार्ड का मुद्दा प्रशासन की भी प्राथमिकता में नहीं है।
जिले में 107000 नए मतदाता वोटर लिस्ट में जुड़े थे। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इन सभी के वोटर आई कार्ड बंगलूरू की किसी कंपनी को बनाकर प्रशासन को मुहैया कराने थे। यह कंपनी आयोग की ओर से ही अनुबंधित है। जिले के नए वोटरों में से करीब 78000 लोगों के वोटर आई कार्ड जिला प्रशासन को मिल गए थे। इन्हें बीएलओ के जरिए मतदाताओं तक पहुंचाना था। प्रशासन का दावा है कि इन सभी को वितरित कराया जा चुका है। बाकी बचे 29000 मतदाताओं के वोटर आई कार्ड अभी तक कंपनी ने डिलीवर नहीं किए हैं। जिन 78000 वोटरों के आई कार्ड बांटे जा चुकने का दावा अफसर कर रहे हैं उनमें से भी बहुत से लोगों ने वोटर कार्ड नहीं मिलने की शिकायतें की हैं। मतदाता पर्चियों के वितरण को लेकर भी यही शिकायतें हैं। तमाम ऐसे लोग हैं जिनकी मतदाता पर्चियां उनके घरों पर नहीं पहुंची हैं।
परिवार की गायब, मरे शख्स की पर्ची पहुंची
मुरादाबाद। मतदाता पर्चियों के वितरण में तमाम खामियां सामने आ गया है। कहीं पूरे - पूरे परिवारों की पर्चियां गायब हैं तो कहीं सालों पहले मर चुके लोगों की मतदाता पर्चियां डिलीवर की जा रही हैं। केजीके डिग्री कालेज के पास रहने वाले एक पूरे परिवार की मतदाता पर्चियां गायब हैं। जबकि परिवार के दो साल पहले मर चुके सदस्य पैटेक मिलटन की मतदाता पर्ची उनके घर पर पहुंचाई गई है।