मीजल्स रुबेला (एमआर) टीकाकरण में सहयोग नहीं करने वाले स्कूलों पर प्रशासन का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बाद मंगलवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को टीकाकरण नहीं करवाने वाले स्कूल चिह्नित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। स्कूल चिह्नित होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से उनकी मान्यता रद्द करने की संस्तुति की जाएगी।
स्कूलों में टीकाकरण के दो सप्ताह पूरे हो गए हैं। मुरादाबाद जिले के 1196345 लक्ष्य के सापेक्ष 26.5 फीसदी बच्चों का टीकाकरण हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के शेड्यूल के अनुपात में टीकाकरण की प्रतिशत काफी कम है। सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में टीकाकरण की समीक्षा हुई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि स्कूलों के सहयोग नहीं किए जाने से टीकाकरण प्रतिशत नहीं बढ़ पा रहा है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दीपक वर्मा ने आधा दर्जन निजी स्कूलों के टीका लगवाने से इंकार करने की बात कही। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए बीएसए को स्कूलों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने मंगलवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। बीएसए ने कहा कि टीकाकरण में सहयोग नहीं करने वाले स्कूलों को ब्लाकवार चिह्नित किया जाए। बीएसए ने बताया कि चिह्नित स्कूलों की सूची जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी, ताकि उनकी मान्यता रद्द करने की संस्तुति की जा सके।
मदरसों पर भी होगी कार्यवाही
टीकाकरण अभियान में मदरसा प्रबंधकों का सहयोग नहीं मिल रहा है। जिससे मदरसों में टीकाकरण औसत सबसे कम है। जिला स्वास्थ्य समिति ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से टीकाकरण नहीं करवाने वाले अनुदानित मदरसों की सूची तलब की है। ताकि ऐसे मदरसों को मिलने वाली सरकारी अनुदान पर रोक लगाई जा सके।