दमघोटू प्रदूषण के आगोश में सिमटे शहर को बृहस्पतिवार को राहत मिली। एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 434 से गिरकर 124 रह गया। इससे लोगों को सांस लेने में राहत मिली। हालांकि अभी भी एक्यूआई अपने मानक 50 के मुकाबले बहुत ज्यादा है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।
सर्दी शुरू होते ही महानगर की हवा में जानलेवा प्रदूषण घुल रहा था। दीपावली पर पटाखे चलने के बाद से प्रदूषण का स्तर दमघोटू हो गया। एक माह में दो बार शहर की हवा का प्रदूषण देश में सबसे ज्यादा हो गया। बुधवार को एक्यूआई 434 होने पर प्रदूषण नियंत्रण र्बोउ की ओर से अलर्ट जारी कर दिया था। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के अफसरों में हड़कंप मच गया। एकाएक प्रदूषण देशभर में सबसे ज्यादा होने का कारण वह समझ नहीं पाए। इसके लिए जांच टीम का गठन कर दिया गया है। रात 12 बजे के बाद से हवा चलनी शुरू हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार बृहस्पतिवार को हवा की गति दो मीटर सेंकेड से ज्यादा दर्ज की गई। उसके साथ ही तेज धूप भी खिली। इसका असर शहर की हवा पर हुआ। हवा में प्रदूषण लगातार कम होना शुरू हो गया। शाम को वायु गुणवत्ता सूचकांक गिरकर 124 हो गया। हालांकि अभी भी यह मानक 50 से बहुत ज्यादा है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक वीएस राजपूत ने बताया कि कुछ स्थानों पर बारिश होने और हवा - धूप का असर आने से वायु की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। बुधवार को प्रदूषण का एक साथ इतना ज्यादा बढ़ना अप्रत्याशित रहा। उसकी जांच की जा रही है। हवा चलती रही तो वायु की गुणवत्ता अच्छी रहेगी।
कुछ खास शहरों की स्थिति -
दिल्ली- 248, गाजियाबाद-219, बुलंदशहर-198, नोएडा-189, आगरा-282, वाराणसी-351