निर्यातकों ने प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना के सामने गुरुवार को निर्यातकों की समस्याओं का पुलिंदा खोल दिया। मंत्री किसी समस्या का फौरी हल तो नहीं निकाल सके, अलबत्ता इतना जरूर कह गए कि उद्यमियों और उद्योगों के विकास के लिए सरकार पूरी ईमानदारी से प्रयास कर रही है।
सर्किट हाउस में मंत्री सतीश महाना ने उद्यमियों एवं उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर में उद्योग का हाल जाना। निर्यातकों ने एक - एक करके मंत्री को समस्याएं बताना शुरू कीं। मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवेद उर रहमान और सचिव अवधेश अग्रवाल ने कहा कि मुरादाबाद में तीन हजार निर्यात इकाई होने के बावजूद कोई औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। इकलौता हरथला औद्योगिक क्षेत्र है जिसमें बमुश्किल 30-40 इकाईयां हैं। निर्यातकों ने कहा कि मुरादाबाद में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाए, जहां एक छत के नीचे सभी कार्य हों। एसोसिएशन ने मांग की कि जो सुविधाएं टैक्सटाइल्स इंडस्ट्री को मिलती हैं वही सुविधाएं मुरादाबाद के हस्तशिल्प उद्योग को भी मिलें। ईपीसीएच के सीओए मेंबर नीरज खन्ना ने एसईजेड को विकसित करने और तकनीकि मुहैय्या कराकर उद्योगों को गति देने का मुद्दा उठाया। एसईजेड को जोड़ने वाली सड़क के बदहाल होने का मुद्दा भी मंत्री के सामने रखा गया। मंत्री ने एनएचईआई को सड़क दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। निर्यातक पिछले कई सालों से इस मुद्दे को उद्योग बंधु की बैठक में उठाते चले आ रहे हैं। मुरादाबाद में कानकोर कंटेनर का किराया लगातार बढ़ने का मुद्दा मंत्री के सामने रखते हुए निर्यातकों ने सब्सिडी बढ़ाने की मांग की है। निर्यातकों को न्यूनतम दर और आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराए जाने की मांग भी की गई। मंत्री ने कहा कि सरकार उद्योग व उद्यमियों की समस्याओं को लेकर गंभीर है। जो समस्याएं प्रदेश स्तर पर हल होंगी उन्हें जल्द हल किया जाएगा बाकी के लिए केंद्र सरकार से वार्ता कर जल्द जरूरी कदम उठाए जाएंगे।