बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में एनसीईआरटी की तर्ज पर पढ़ाई होगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एसटीईआरटी) ने शिक्षकों के लिए बच्चों को पढ़ाने के आसान तरीकों की किताब जारी की है। एसटीईआरटी ने अभिभावकों के लिए भी प्रपत्र जारी किया है। इसमें बच्चों ने स्कूल में क्या-क्या सीखा है अभिभावक इसका मूल्यांकन करेंगे। मूल्यांकन प्रपत्र स्कूल में जमा होगा।
सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने का तौर तरीका उबाऊ और रटाऊ होता है। जिसमें बच्चे रुचि नहीं लेते हैं। नतीजतन बच्चों का किताबी के अलावा सामाजिक एवं सामान्य ज्ञान कमजोर होता है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में इस सत्र से एनसीईआरटी की तर्ज पर पढ़ाई के तौर तरीकों को अपनाया जा रहा है। एसटीईआरटी ने इसके लिए 190 पेज की ‘प्रारंभिक स्तर पर शिक्षण संबंधी परिणाम’ किताब जारी की है। किताब में कक्षा एक से लेकर 8वीं तक के बच्चों को कैसे आसान तरीकों से पढ़ाया जाए, इसकी जानकारी दी गई है। हर विषय के लिए आसान तरीके सुझाए गए हैं। किताब के साथ अभिभावकों के लिए भी प्रपत्र जारी किए गए हैं। इनमें कक्षा एक से लेकर तीन और कक्षा चार से लेकर आठ तक के अलग-अलग प्रपत्र हैं। प्रपत्र में प्रत्येक विषय संबंधी आसान सवाल दिए गए हैं। बच्चे ने स्कूल में क्या पढ़ा है इन सवालों के आधार पर अभिभावक मूल्यांकन कर पाएंगे। डाइट के माध्यम से किताबों को प्रत्येक स्कूल में वितरण किया जाएगा। जबकि प्रपत्र स्कूलों से बच्चों के माध्यम से उनके अभिभावक तक पहुंचाए जाएंगे।
स्कूलों को बांटी गईं किताब
नगर संसाधन केंद्र में बुधवार को नगर क्षेत्र के सभी स्कूलों के सहायक अध्यापकों एवं प्रधानाध्यापकों की बैठक हुई। खंड शिक्षा अधिकारी मीना मनराल ने शिक्षकों को एसटीईआरटी की प्रारंभिक स्तर पर शिक्षण परिणाम संबंधी किताब की जानकारी दी। शिक्षकों को किताबें वितरित की र्गइं। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अगस्त और सितंबर में इसी किताब के आधार पर स्कूलों की ग्रेडिंग की जाएगी। बैठक में एबीआरसी राहुल शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।