बेसिक शिक्षा विभाग में इंग्लिश मीडियम स्कूलों के चयन और उनमें शिक्षकों के स्थानांतरण पर जांच बैठ गई है। स्कूलों के चयन और शिक्षकों की तैनाती में अनियमितताओं की शिकायत के बाद अपर आयुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं। एक पूर्व बीएसए और शिक्षा विभाग में तैनात एक बाबू पर गंभीर आरोप लगने के बाद अपर आयुक्त ने 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
अपर आयुक्त (प्रशासन) एसबी तिवारी को शिकायत मिली थी कि बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात एक बाबू और एक पूर्व बीएसए ने पूर्व में चयनित इंग्लिश मीडियम स्कूलों की सूची को बाद में बदल दिया। चयनित स्कूलों के स्टाफ को स्थानांतरित किया गया। इस बीच दूर दराज तैनात शिक्षकों को मनचाही तैनाती दी गई। ताजपुर माफी और इस्लाम नगर की दो शिक्षिकाओं के तबादले को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामले में अपर आयुक्त ने पत्र भेजकर डीएम से कहा है कि मामले की जांच नगर मजिस्ट्रेट या फिर अन्य किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराकर 15 दिन में जांच रिपोर्ट दें।
निलंबन - बहाली के खेल पर पर्दा डाल रहे अफसर
मुरादाबाद।
शिक्षा विभाग में शिक्षक - शिक्षिकाओं को मनचाही देने के लिए उनके निलंबन और बहाली का खेल भी पूर्व बीएसए संजय सिंह के समय में उजागर हुआ था। जिले में दूर - दराज तैनात करीब 30 शिक्षकाें को निलंबित कर उन्हें चंद दिनों में बहाल किया गया। बहाली के साथ ही उन्हें शहर या उनके घरों के नजदीक के स्कूलों में मनचाही तैनाती दे दी गई। करीब दो माह पहले मामला उजागर होने के बाद डीएम ने बीएसए से रिकार्ड तलब किया था। लेकिन इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बीएसए का कहना है कि पूर्व बीएसए के समय में ही वह रिपोर्ट जिलाधिकारी को चली गई थी। मामले में कोई जांच लंबित नहीं है।