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केवी प्रधानाचार्य के समर्थन में उतरे शिक्षक-अभिभावक

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मुरादाबाद। केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ एक विद्यार्थी से मारपीट के आरोप में एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज होने का शिक्षकों ने विरोध किया है।उनका कहना है कि अनुशासन बनाए रखने के लिए छात्रों को नियमों का पालन कराना भी अनिवार्य है। ऐसे में प्रधानाचार्य पर जातिगत आक्षेप लगाना उचित नहीं है।
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श्रीरामचंद्र शर्मा कन्या इंटर कालेज में शनिवार को माध्यमिक प्रधानाचार्य परिषद, माध्यमिक शिक्षक संघ और राजकीय शिक्षक संघ की बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी शिक्षक, प्रधानाचार्य के लिए किसी छात्र की जाति या धर्म पहचान नहीं होती है। वह केवल एक छात्र होता है और छात्र हित शिक्षकों के लिए सर्वोपरि है। मामले को जातिगत बनाना अन्य बच्चों पर गलत प्रभाव डालता है। इस दौरान जिलामंत्री पुष्पेश मिश्र, जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह, सुनीत गिरि, प्रधानाचार्या मधुबाला त्यागी, डॉ. डीके अग्रवाल, डॉ. कुलदीप बरनवाल, डॉ. श्वेता पूठिया, डॉ. रश्मि विमल, प्रीतम सिंह, मधुसूदन, अचल त्यागी आदि मौजूद रहे।
वहीं, अभिभावकों का कहना है कि प्रधानाचार्य ने पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए अनुशासन और शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए कक्षाओं के वर्गों में बदलाव किया था। कुछ विद्यार्थियों की दोस्ती भी इससे प्रभावित हुई थी। ऐसे में उन्हें यह प्रक्रिया रास नहीं आई थी। यदि स्कूल में अनुशासन नहीं होगा तो शिक्षा के स्तर में गिरावट आएगी। इस मामले से अन्य बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए शीघ्र जांच कराकर इसे समाप्त कर दिया जाए। इस दौरान शाहिद मलिक, नकुल शर्मा, संजीव कुमार, आशीष त्रिवेदी, राकेश अग्रवाल व अन्य मौजूद रहे।
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