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स्कूल में एडमिशन करवाने के लिए चपरासी बना एसडीएम

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मुरादाबाद।
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कलेक्ट्रेट में तैनात कर्मचारी निजी स्कूलों को प्रशासनिक अफसरों का खौफ दिखाकर दाखिला करवाने का दबाव बना रहे हैं। बुधवार को ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ। अपर जिलाधिकारी प्रशासन के कार्यालय में तैनात एक चपरासी ने निजी स्कूल में बच्चे का दाखिला करवाने के लिए एसडीएम सदर का फर्जी सिफारिशी लेटर जारी कर दिया। एसडीएम सदर ने चपरासी को तलब कर जमकर लताड़ा और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने घटना के बाद चपरासी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश जारी कर दिए।
शहर के नामी स्कूलों में बच्चों का दाखिला करवाने के लिए अभिभावकों को पैसों के साथ पसीना भी बहाना पड़ता है। कई बार अभिभावकों को नेताओं से लेकर प्रशासनिक एवं शिक्षा विभाग के अफसरों की चौखट पर जाना पड़ता है। उनकी सिफारिश से दाखिला हो जाता है। कलेक्ट्रेट में तैनात कर्मचारी भी मौके का फायदा उठाने में पीछे नहीं रहते हैं। परेशान अभिभावकों को झांसे में लेकर दाखिला करवाने का ठेका ले लेते हैं। स्कूलों पर दबाव बनाने के लिए अफसरों के फर्जी लेटर जारी कर देते हैं।
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बुधवार को एसडीएम सदर अस्मिता लाल के फर्जी हस्ताक्षर से दाखिले का सिफारिशी लेटर पकड़े जाने से कलेक्ट्रेट में हड़कंप मच गया। जांच करने पर पता चला कि फर्जी लेटर अपर जिलाधिकारी प्रशासन लक्ष्मी कुमार सिंह के कार्यालय में तैनात चपरासी ने किया है। एसडीएम सदर ने चपरासी को तलब कर जमकर लताड़ा। पहले तो चपरासी मामले को लेकर अनजान रहा। एसडीएम ने जब धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी तो चपरासी ने अपना जुर्म कबूल लिया। इसके बाद कलेक्ट्रेट में मामला चर्चाओं में रहा। एडीएम प्रशासन लक्ष्मी कुमार सिंह ने चपरासी को तत्काल हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

बीमार पिता की जगह तैनात है चपरासी
एडीएम प्रशासन के कार्यालय में तैनात चपरासी की तैनाती नियम विरुद्ध है। कार्यालय प्रशासन के मुताबिक चपरासी अपने बीमार पिता की जगह काम करता है। उसके पिता काफी समय से बीमार हैं।


- हफ्ते भर पहले स्कूल को एसडीएम सदर के लेटर और हस्ताक्षर युक्त एक सिफारिशी लेटर मिला। लेटर की भाषा पढ़कर संदेह हुआ। दाखिले के लिए एसडीएम सदर का कोई फोन नहीं आया। इससे संदेह गहरा गया और एसडीएम सदर से इसकी जानकारी ली गई। उन्होंने किसी भी तरह का लेटर भेजे जाने से अनभिज्ञता जाहिर की। - आशीष संतराम, प्रधानाचार्य, विल सोनिया स्कूल

- मेरी तरफ से स्कूल को कोई लेटर जारी नहीं हुआ है। मेरे फर्जी हस्ताक्षर के सिफारिशी लेटर पकड़ा गया है। इसकी जांच कराई जा रही है। - अस्मिता लाल, एसडीएम सदर
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- किसी भी अफसर के फर्जी हस्ताक्षर से लेटर जारी करना गंभीर अपराध है। मामला पकड़ा जाने के बाद चपरासी को हटा दिया गया है। - लक्ष्मी कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन
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