बैंक प्रबंधक पर भी मिलीभगत का आरोप, जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
मूंढापांडे पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर बैंक से लोन लेकर ठगी करने के मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। बैंक प्रबंधक पर भी मिलीभगत का आरोप है, पुलिस जांच कर रही है।
कार्यवाहक एसपी सिटी सतीश चंद्र ने बताया कि पकडे़ गए आरोपी सतीश निवासी रोंडा झोंडा और यासीन निवासी टिहरी थाना खजुरिया जिला रामपुर है। एसपी ने बताया कि राेंडा झाेंडा गांव निवासी गुरचरन सिंह पंजाब में रहते हैं। उनकी 11 एकड़ जमीन गांव में है। जिसकी देखभाल का जिम्मा उन्होंने रामपुर निवासी हरदेव सिंह को दिया था। हरदेव सिंह के नौकर गुरचरन सिंह की जमीन पर खेती करते हैं। सतीश को इसकी जानकारी थी। सतीश की दोस्ती बैंक से लोन दिलाने का काम करने वाले यासीन से थी। सतीश ने यासीन से मिलभगत कर गुरचरन की जमीन पर लोन लेने की योजना बनाई। उसने मूलरूप से पंजाब और वर्तमान में रामपुर के दौलियाना निवासी सुरेंद्र सिंह से एक रिश्तेदार के जरिए संपर्क साधा। सुरेंद्र को रुपये देने का लालच देकर वह अपने गांव लेकर आया। सतीश ने सुरेंद्र को गुरचरन बताकर ग्राम प्रधान से मिलवाया और उनसे सुरेंद्र का गुरचरन के नाम से फर्जी पहचान पत्र बनवा लिया। इसके बाद फर्जी पहचान पत्र के आधार पर सुरेंद्र का गुरचरन के नाम पर आधार कार्ड बनवा लिया। पुलिस ने बताया कि आधार कार्ड के जरिए यासीन ने सिहोरा बाजे स्थित एसबीआई बैंक के मैनेजर की मदद से गुरचरन की 11 एकड़ जमीन पर 25 जुलाई को साढे़ सात लाख रुपये का लोन लिया। इसमें से ढाई लाख रुपये बैंक मैनेजर पर लेने का आरोप है। यासीन ने लोन की रकम मिलने के बाद सुरेंद्र और सतीश से मारपीट कर लोेन की रकम में से हिस्सा देने से इंकार कर दिया। इसके बाद पंजाब से गुरचरन वापस अपने गांव आए जमीन की फर्द निकलवाई तो उन्हें 28 सितंबर को लोन के बारे में जानकारी हुई। जांच कर पुलिस ने आरोपी सतीश और यासीन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने कर्ज के दबाव में जमीन पर लोन लेने की साजिश रची थी। एसएचओ मूंढापांडे रामवीर सिंह ने बताया कि बैंक मैनेजर के खिलाफ भी जांच की जा रही है। जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सुरेंद्र सिंह की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इस तरह की घटना पहले तो नहीं की है।