बिलारी। स्वास्थ्य विभाग की जननी सुरक्षा योजना में अपेक्षित सहयोग न करने वाली 14 आशा वर्कर को चिकित्साधीक्षक ने नोटिस जारी कर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य विभाग का पूरा जोर इस बात पर है कि गर्भवती महिलाओं की प्रसव प्रक्रिया हर हाल में नगर स्थित राजकीय महिला अस्पताल में पूरी कराई जाए ताकि जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित रहें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गोपनीय जांच कराने पर पता चला कि अनेक आशा वर्कर ऐसी हैं जो अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए नगर के राजकीय महिला अस्पताल लाने की बजाए निजी क्लीनिक और दाइयों के पास ले जाते हैं। इस वजह से जननी सुरक्षा योजना का विभागीय लक्ष्य घट जाता है।
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डा.राजपाल सिंह ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान उन आशा वर्कर को चिह्नित किया जिनकी माह अप्रैल 2025 से माह नवंबर 2025 तक जननी सुरक्षा योजना में सहयोग की प्रगति शून्य रही है। ऐसी चिन्हित आशा वर्कर को पूर्व में भी नोटिस जारी किए गए लेकिन उनकी कार्य प्रणाली में सुधार नहीं आया। अब इन चौदह आशा वर्कर कृष्णा देवी ढकिया नरु, मीना देवी अबूपुरा, ममता भूड़ मरैशी, इंद्रा कुमारी सहसपुर, रूबी स्योंडारा, अनुपमा टांडा अमरपुर, अंशु रानी मंडवा, मिथलेश कुमारी खासेपुर, अंशु कुमारी तिसावा, जयवती सैनी जमालपुर, सायरा और हुस्ना इब्राहीमपुर, मोनिका सतारन तथा मधुवाला उमरारा शामिल हैं।