मुरादाबाद। रहमत और बरकत वाला रमजानुल मुबारक के महीने में मस्जिद और मदरसों में तरावीह की नमाज हुई। पाक रमजान के महीने में पहले असरा पर रोजेदार गुनाहों की माफी तलब करेंगे। यह सिर्फ दो दिन बाद हैं। सोमवार को सातवां रोजा मुकम्मल हो गया। रमजान के पाक महीने में जन्नत के दरवाजे खुल जाते हैं। उलेमा बताते हैं कि इस महीने की गई इबादत का सवाब 70 गुना मिलता है। जो रोजेदार एक नेकी करता है, अल्लाह उसको 70 नेकियों का सवाब देता है। इसी तरह जो शख्स एक रुपये की जकात करता है। उसे 70 रुपये का के बराबर जकात का फल मिलता है।
शहर की जामा मस्जिद, लाल मस्जिद, दरगाह इश्हाक मियां, कपूर कंपनी की मजिस्द और किले वाली मस्जिदों में सोमवार को रोजेदारों का हुजूम देखने को मिला। सोमवार को रोजेदारों ने सहरी के बाद फज्र की नमाज अदा की। मस्जिदों में रोजा रखने की दुआ पढ़कर रोजे की शुरुआत की गई। जोहर की नमाज के बाद बच्चों और युवाओं ने कुरान-ए-शरीफ की तिलावत की। अस्र की नमाज के बाद जरूरत के सामानों की खरीदारी को बाजार में निकले। घर में पहुंच कर इफ्तार की तैयारियों में जुट गए। मगरिब के अजान गूंजने के बाद घरवालों के साथ इफ्तार यानी रोजा खोलने की दुआ पढ़ने के बाद रोजेदारों ने इफ्तार किया।
कुरान की आयतें गूंजी
मस्जिदों और घरों से कुरान की आयतें गूंज रही हैं। मस्जिदों और घरों में लोग इबादत में मशगूल दिखे। इसके बाद मगफिरत का असरा शुरू हो जाएगा। इस असरा में रोजेदार गुनाहों से माफी तलब करेंगे। आखिरी असरा में जहन्नुम से निजात की दुआ मांगेंगे।
रोजेदारों को मौसम की नरमी देगी राहत
मौसम का तेवर तल्ख रहा। लेकिन आने वाले दिन में मौसम की नरमी रोजेदारों को राहत देगी। मस्जिदों और घरों में इबादत का दौर चला। अल्लाह की रहमत हासिल करने के लिए रोजेदार इबादत में जुटे हैं।