जिले में बिना मान्यता संचालित स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। अपर शिक्षा निदेशक के आदेश पर बीएसए कार्यालय ने ब्लाकवार अमान्य स्कूलों को चिह्नित करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। शिक्षा सत्र के समापन तक स्कूलों को बंद करवाया जाएगा।
शिक्षा एक बड़े व्यवसाय का रूप ले चुका है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हर साल धड़ाधड़ स्कूल खुल रहे हैं। निर्धारित मानक पूरे नहीं होने पर स्कूलों की मान्यता नहीं हो पाती है। अभिभावक इससे अंजान रहते हैं और स्कूल संचालक उन्हें गुमराह करते हैं। अपर शिक्षा निदेशक ललिता प्रदीप ने जिले में संचालित अमान्य स्कूलों को चिह्नित करने के लिए बीएसए को पत्र जारी किया है। अपर निदेशक ने कहा कि शिक्षा सत्र के आखिर तक अमान्य स्कूलों का संचालन बंद कराया जाना है। दिसंबर आखिर तक ब्लाकवार अमान्य स्कूलों को चिह्नित किया जाए। अपर निदेशक ने एक प्रारूप जारी किया है। जिसमें वर्ष 2017-2018 और 2018-2019 में अब तक बंद कराए अमान्य स्कूलों की संख्या, स्कूलों को नोटिस, एफआईआर, आर्थिक दंड और आर्थिक दंड वसूली के साथ बंद कराने के बाद दोबारा से संचालित स्कूलों की सूची मांगी है। बीएसए कार्यालय ने अमान्य स्कूल चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू दी है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और एबीआरसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।