जिला महिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को ओपीडी और इमरजेंसी से लेकर टीकाकरण संबंधी पूछताछ के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल में हेल्प डेस्क शुरू हो गई है। हेल्प डेस्क में मरीज और तीमारदार अस्पताल से जुड़ी अपनी शिकायतें भी दर्ज करा सकेंगे। सीएमएस स्तर से शिकायतों की सीधी निगरानी होगी।
महिला अस्पताल में मंडल भर से मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में मरीजों के दबाव की तुलना में मैनपावर एवं चिकित्सा संसाधनों की कमी है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीज और उनके तीमारदार परेशान रहते हैं। ओपीडी और टीकाकरण के लिए भी मरीज भटकते हैं। मरीजों और तीमारदारों की सुविधा के लिए जिलास्तरीय अस्पताल में हेल्प डेस्क बनाई जा रही हैं। महिला अस्पताल में हेल्प डेस्क की शुरुआत हो गई है। सीएमएस डा. कल्पना सिंह के मुताबिक हेल्प डेस्क में मैनेजर समेत तीन लोगों की तैनाती होनी है। अभी एक कर्मी की तैनाती हो गई है। डेस्क सुबह नौ बजे से अपराह्न चार बजे तक खोली जा रही है। सृजित पदों पर कर्मियों की तैनाती होते ही डेस्क 24 घंटे खुली रहेगी।
सीएमएस ने बताया कि डेस्क में ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी, टीकाकरण एवं अस्पताल संबंधी सभी जानकारियां उपलब्ध रहेंगी। किसी मरीज को एंबुलेंस की जरूरत होने पर हेल्प डेस्क से उसे जानकारी दी जाएगी। मरीज और उनके तीमारदार अस्पताल से संबंधित शिकायतें भी हेल्प डेस्क में कर सकते हैं। इसमें त्वरित कार्यवाही की जाएगी। शिकायतों की रोजाना समीक्षा होगी।
सफाई का होगा निरीक्षण
अस्पताल में सफाई व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। हेल्प डेस्क कर्मी औचक अस्पताल की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर सकते हैं। अपनी रिपोर्ट सीएमएस को देंगी।