डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी के अस्तबल से बृहस्पतिवार को हीरो नाम का एक घोड़ा बंदरों की वजह से बिदक गया। वह अस्तबल से बाहर आ गया और दो घंटे तक कहर बरपाए रहा। आगे आगे घोड़ा भाग रहा था, पीछे पीछे पुलिस। इस दौरान उसने एक ई-रिक्शा में टक्कर मारी। दरोगा के बेटे को जख्मी कर दिया। बैलगाड़ी में टक्कर मारने के कारण बैल के सींग टूट गए। बमुश्किल उसको रामगंगा पार जाकर काबू किया गया, इसी के बाद अकादमी के अधिकारियों और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली।
बृहस्पतिवार सुबह करीब सवा दस बजे बजे डा. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी के अस्तबल से घोड़ों को बाहर निकालकर उनकी साफ सफाई की जा रही थी। इस दौरान वहां पर बंदरों का झुंड पहुंच गया तो घोडे़ बिदक गए। उनमें शामिल हीरो नाम का घोड़ा बेकाबू होकर अस्तबल से बाहर सड़क पर आ गया। केंद्रीय पुलिस अस्पताल के पास ई-रिक्शा को टक्कर मारकर पटल दिया। इसमें सवार तीन यात्रियों को चोट लगी। अस्तबल में मौजूद कर्मचारियाें ने घोडे़ का पीछा किया लेकिन वह उसे रोक नहीं सके तो उन्होंने आरआई को सूचना दी। इसके बाद आरआई ने स्कूटी पर सवार होकर अन्य कर्मचारियों के साथ घोड़े का पीछा किया।
हीरो घोड़ा चक्कर की मिलक पहुंचा और उसने नागफनी थाने में तैनात दरोगा जमील अहमद के बेटे मोहम्मद अजीम को जख्मी कर दिया। अजीम के सिर मे चोट लगी है। आगे चलकर उसने एक बैलगाड़ी को टक्कर मारी, जिसकी वजह से बैल का सींग टूट गया। इस हादसे में एक अन्य युवक भी चोटिल हो गया। कहर बरपाते हुए घोड़ा रामगंगा नदी को पार करते हुए दूसरी ओर चला गया। पुलिसकर्मी भी नदी के दूसरी ओर पहुंच गई। पुलिस कर्मियों ने राम गंगा किनारे दोपहर करीब सवा बाहर बजे घोडे़ को घास खिलाने के बहाने काबू में किया। तब जाकर राहत की सांस ली। इस दौरान ‘हीरो’ को भी चोट लगी है। आरआई सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया कि इस संबंध में रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी दी है।