ईपीसीएच के ईडी राकेश कुमार और उपाध्यक्ष आरके पासी ने ईरान मामले में निर्यातकों की समस्याएं शुक्रवार को वाणिज्य सचिव के सामने रखी हैं। ईपीसीएच ईडी ने वाणिज्य सचिव से कहा है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में ईरान को 309.98 करोड़ रुपये का हस्तशिल्प निर्यात हुआ था। ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंधों के बाद यह निर्यात अब फंस गया है। मुरादाबाद के निर्यातक इस समस्या से सबसे ज्यादा जूझ रहे हैं।
ईपीसीएच के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को दिल्ली में वाणिज्य सचिव अनूप वधावन से मुलाकात की। ईडी राकेश कुमार ने वाणिज्य सचिव को बताया कि ईरान को हस्तशिल्प निर्यात कर रहे मुरादाबाद के निर्यातक इस समय बड़ी मुश्किलों से जूझ रहे हैं। अमेरिका द्वारा ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद डॉलर में कारोबार पर पहले ही रोक लग चुकी है। मुरादाबाद के जिन निर्यातकों ने ईरान को निर्यात तक किसी अन्य देश के जरिए यूरो में थर्ड पार्टी पेमेंट लिया है, बैंक उनके शिपिंग दस्तावेज स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से जीआर फार्म क्लियर नहीं हो रहे हैं। इसकी वजह से आरबीआई की ओर से बैंकों को बीआरसी जारी नहीं किया जा रहा है। बीआरसी नहीं मिलने की वजह से ईरान को निर्यात करने वाले निर्यातकाें को एमईआईएस, ड्रा बैक और जीएसटी रिफंड नहीं मिल रहे हैं।
ईपीसीएच ईडी ने वाणिज्य सचिव से कहा है कि ईरान से रुपये में कारोबार के लिए भी सिर्फ दिल्ली स्थित यूको बैंक की शाखा को अधिकृत किया गया था। मुरादाबाद के निर्यातकों को सिर्फ इसके लिए दिल्ली तक की दौड़ लगानी पड़ती है। बदले हालात में ईरान के साथ रुपये में भी निर्यातक कारोबार नहीं कर सकते हैं। नए अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते ईरान अपना मुद्रा अवमूल्यन रोकने को 1100 से ज्यादा हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात पर रोक लगा चुका है।