जिले में संक्रामक बीमारियां एवं दिमागी बुखार तेजी से फैलने लगी हैं। स्वास्थ्य विभाग बीमारियों की रोकथाम के लिए एक अक्तूबर से संक्रामक रोग नियंत्रण पखवाड़ा मनाने जा रहा है। मंगलवार को जिलाधिकारी ने पखवाड़ा की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा कि संक्रामक बीमारियों एवं दिमागी बुखार से पर नियंत्रण किया जाए। उन्होंने कहा कि नोडल स्वास्थ्य विभाग अन्य विभागों से संपर्क कर सूचनाओं का आदान प्रदान करें। विभाग 28 सितंबर तक कार्ययोजना तैयार कर लें और स्वास्थ्य विभाग को आंकड़े उपलब्ध कराएं। पर्यवेक्षक डब्ल्यूएचओ, एनपीएसपी और यूनिसेफ एजेंसी द्वारा किया जाएगा। डीएम ने कहा कि पखवाड़े की शनिवार को साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी, जिसकी सोमवार को आख्या भेजी जाएगी।
डीएम ने कहा कि संबंधित विभाग कार्ययोजना के सापेक्ष की गई गतिविधियों एवं कार्यवाही की रिपोर्ट फोटोग्राफ और आख्या के साथ 17 अक्तूबर तक सीएमओ कार्यालय में जमा कराएंगे। जिला सर्विलांस अधिकारी डा. दिनेश कुमार प्रेमी ने कहा कि संक्रामक बीमारियों से संवेदनशील क्षेत्रों में 168 स्वास्थ्य शिविर आयोजन हुआ है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में एंटी लार्वा स्प्रे और फागिंग कराई गई है। सीएचसी और पीएचसी स्तर पर संक्रामक वार्ड आरक्षित किए गए हैं। एक अक्टूबर को मोहल्लों और ग्राम पंचायतों में जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। बैठक में सीएमओ डा. विनीता अग्निहोत्री, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीएस मर्तोलिया, डा. दीपक वर्मा, महिला और जिला अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक मौजूद रही।